फतेहपुर। रेलवे में टिकट जांच व्यवस्था को सुरक्षित और पारदर्शी बनाने के लिए नई डिजिटल प्रणाली शुरू की गई है। अब टिकट जांच कर्मचारियों को पीवीसी कार्ड के साथ क्यूआर कोडयुक्त नई टिकट चेकिंग अथॉरिटी जारी की गई है। क्यूआर कोड स्कैन कर कर्मचारी के पहचान पत्र और उसके अधिकृत होने की जानकारी का डिजिटल सत्यापन किया जा सकेगा।
मंडल रेल प्रबंधक अनिरुद्ध कुमार के मार्गदर्शन और वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक अमन वर्मा के निर्देश पर व्यवस्था लागू की गई है। वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक अमन वर्मा, मंडल वाणिज्य प्रबंधक पंकज कुमार त्रिपाठी और सहायक वाणिज्य प्रबंधक अनिल कुमार श्रीवास्तव ने टिकट जांच स्टाफ को नए पीवीसी कार्ड और क्यूआर कोडयुक्त टिकट चेकिंग अथॉरिटी जारी की।
टिकट चेकिंग अथॉरिटी के माध्यम से अधिकृत रेलवे कर्मचारी यात्रियों के टिकट, पास और यात्रा की वैधता जांचते हैं। ये कर्मचारी स्टेशनों और यात्री ट्रेनों के कोचों के अलावा आरएमएस, इंजन, पेंट्रीकार और ब्रेक-वैन आदि में भी टिकट जांच कर सकते हैं।
नई व्यवस्था में क्यूआर कोड स्कैन कर कार्ड की जानकारी अधिकृत डेटाबेस से मिलाई जा सकेगी। इससे फर्जी, डुप्लीकेट, पुराने या अनधिकृत पहचान पत्रों के इस्तेमाल पर रोक लगाने में मदद मिलेगी। कर्मचारी के स्थानांतरण, टिकट जांच ड्यूटी से हटने, पदनाम बदलने या कार्ड की वैधता समाप्त होने पर केंद्रीय प्रणाली में जानकारी अपडेट की जा सकेगी। अधिकारी कार्ड को सक्रिय या निष्क्रिय करने के साथ उसकी वैधता और अनुमति का भी प्रबंधन कर सकेंगे।
पीआरओ अमित कुमार सिंह ने बताया कि डिजिटल पहचान प्रणाली से टिकट जांच व्यवस्था में जवाबदेही बढ़ेगी और कर्मचारियों के रिकॉर्ड का प्रबंधन अधिक सुरक्षित व आसान होगा। इससे यात्रियों का टिकट जांच व्यवस्था पर भरोसा बढ़ाने में भी मदद मिलेगी।