मधुलेखा के घर शव के इंतजार में बैठी महिलाएं।
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बकेवर थाना के मुगल रोड हाइवे पर शनिवार को ट्रक की टक्कर से अकाल मौत के शिकार चचेरे भाई-बहन के शव का अंतिम संस्कार गुनीर में किया गया। सूरत से न आ पाने की वजह से राम अपने छोटे भाई का अंतिम दर्शन भी नहीं कर पाया। गांव में गमगीन माहौल के बीच दूसरे दिन सन्नाटा पसरा रहा।
शनिवार को गांव मथुरापुर के मजरा मैका डेरा निवासी शिव सिंह व उसकी चचेरी बहन मधुलेखा की मौत हो गई थी। दोनों एक ही साइकिल से पतारी गांव जा रहे थे। शिव सिंह के शव का पोस्टमार्टम पहले होने पर उसका अंतिम संस्कार परिजनों व ग्रामीणों ने गंगा घाट चंदिका देवी गुनीर में कर दिया। इससे गुजरात के सूरत में नौकरी कर रहा उसका इकलौता बड़ा भाई राम सिंह अंतिम संस्कार में शामिल नहीं हो सका। चाचा श्याम सुंदर ने मुखागिभन दी।
उधर, मधुलेखा के शव का पोस्टमार्टम होने के बाद उसका भी अंतिम संस्कार गंगा घाट में देर शाम किया गया। इसके अंतिम संस्कार में उसके सगे भाई संजय व मुकेश समय से नहीं पहुंच सके ।
चाचा का हाथ बंटाता था शिव :- बचपन मे मां व पिता को खोने के बाद से शिव सिंह अपने चाचा श्याम सुंदर के घर ही रहता था। यह मजदूरी कर चाचा का हाथ बंटाता था। सगा भाई राम सिंह, चचेरे भाई संजय व मुकेश परिवार की गरीबी के कारण सूरत में नौकरी करते हैं। रविवार को चाची श्यामपती, भाभी सुनीता, बहन सुलेखा, अंजनी सहित रिश्तेदार रो-रोकर बेहाल रहे।
आर्थिक सहायता दिलाएंगे एसडीएम- बिंदकी। शिव सिंह के नाम मात्र पंाच विस्वा खेतिहर जमीन है, जिसके आधार पर उसे कृषक दुर्घटना बीमा योजना का लाभ मिलेगा। एसडीएम जेएन सचान ने बताया कि पांच लाख रुपये की आर्थिक सहायता दिलाने का वह प्रयास करेंगे।