अमरनाथ यात्रा में हुए हमले से वहां यात्री और यहां उनके परिजन दोनों अनभिज्ञ हैं। जिले से यात्रा में निकला 25 यात्रियों का पहला जत्था दर्शन कर शुक्रवार की शाम लौटकर बालटाल में रुका है, यहां से शनिवार सुबह सुरक्षा बलों ने उन्हें लौटने नहीं दिया। अभी तक कैंप में ही सभी लोग रुके हैं।
जिले में 25 जून को आवास विकास निवासी व्यापारी अजय सिंह रिंकू की अगुवाई में अंकित यादव, विपिन यादव, सीनू दुबे, पवन, मुकुल गुप्ता, पंकज पांडेय, छोटू सिंह, विजय शुक्ला, अशोक सिंह, पिंकू सिंह, विकास सिंह, अजय कुमार, दीपू शुक्ला, रिंकू सिंह, अमित त्रिवेदी, नागेंद्र सिंह, सानू पांडेय, रूपेश तिवारी, मनोज शिवहरे सहित 25 यात्री अमर नाथ यात्रा के लिए गए हैं।
फोन पर हुई बातचीत में अजय सिंह रिंकू लोहारी ने बताया कि सभी यात्री शुक्रवार की शाम दर्शन कर बालटाल के कैंप रुके। सुबह लौटने पर सुरक्षा बलों ने आगे बढ़ने से रोक दिया। इसके बाद से उनका जत्था कैंप में मौजूद है, उन्हें तो पता ही नहीं है कि हमला हुआ है, लेकिन यह तो शक है कि कुछ न कुछ गलत जरूर हुआ है।
शनिवार की शाम अमर उजाला टीम अजय सिंह रिंकू के आवास पहुंची तो पता चला कि परिजनों को ऐसी किसी घटना की जानकारी नहीं है। पंकज यादव के घर के बाहर मौजूद उनसकी बुआ डायट में लिपिक सरिता यादव को जब अमरनाथ यात्रा में हमले की जानकारी दी गई, तो उनके मुंह से हाय भगवान की आह निकल गई, लेकिन तबतक सभी को सुरक्षित होने की जानकारी दी गई, तो उन्होंने आसमान की तरफ देख शायद ईश्वर से दुआ की। रिंकू के बड़े भाई चंद्रहास सिंह, छोटे भाई अरुण सिंह ने बताया कि फोन पर भाई से बात होने के बाद उन्होंने चैन मिला है। हलांकि जबतक सभी लोग घर नहीं लौट आते हैं, तब तक चिंता बनी रहेगी।