फतेहपुर। कोरोना महामारी से बचाव के लिए गांवों में चल रहे पांच दिवसीय दस्तक अभियान को दो दिन के लिए और बढ़ा दिया गया है, लेकिन पिछले चार दिनों जांच में जो रिपोर्ट उभर कर आई है, वह शहरी क्षेत्र से ज्यादा गंभीर नजर आ रही है।
कोरोना संक्रमितों की पहचान करने के लिए 2224 टीम लगी हैं और 24 घंटे में 4459 ऐसे मरीज चिह्नित किए हैं, जिनमें कोरोना संक्रमण के लक्षण मिले हैं। इन्हें 10-10 दिन की दवाएं देकर घर में ही क्वारंटाइन कर दिया गया है। इनको मिलाकर जिले में कोरोना लक्षण वाले मरीजों की संख्या 11,380 पहुंच गई है। रविवार को भी एसडीएम व प्रभारी चिकित्सा अधिकारियों की टीमों ने दवा वितरण का सत्यापन किया।
गांवों में घर-घर सर्वे के दौरान जिन लोगों में कोरोना के लक्षण पाए जा रहे हैं, उनमें अधिकांश लोग ऐसे हैं जो गैर राज्य या जनपद से काम छोड़कर लौटे हैं। फिर जिले में ही उद्योग-धंधों में काम करने के लिए जाते है। टीमों की जांच में इन्हें बुखार, जुकाम, बदन दर्द जैसे लक्षण के साथ खांसी भी आ रही है। इलाज के लिए इन लोगों ने गांव की दुकानों से दवाएं ली है।
किसी ने भी कोरोना की जांच नहीं कराई है। एक ब्लाक में मात्र चार टीम होने की वजह से अभी सभी गांवों में पहुंच कर घर-घर यह टीम जांच नहीं कर सकी हैं। एसडीएम प्रमोद झा, एसडीएम प्रियंका और एसडीएम प्रहलाद सिंह ने गांवों का भ्रमण कर दवा वितरण की हकीकत देखी। उधर, भिटौरा पीएचसी के प्रभारी विमल चौरसिया और सुपरवाइजर एसपी दीक्षित ने भी 12 गांवों में दवा वितरित की।