फतेहपुर। खाने की थाली में सबसे अहम हिस्सा मानी जाने वाली अरहर दाल रसोई का बजट बिगाड़ रही है। 10 दिन पहले जो अरहर की दाल 130 से 140 रुपये किलो मिल रही थी, मौजूदा समय दाल के भाव बढ़कर 160 से 170 रुपये किलो हो गए हैं। इस प्रकार 10 दिनों में 30 से 40 रुपये प्रति किलो की बढ़ोतरी दर्ज की गई।
जबकि थोक बाजार में अन्य दालों में पांच से दस रुपये की बढ़ोतरी देखी जा रही है। थोक बाजार में अरहर दाल की 30 किलों की बोरी 4710 से 4750 रुपये तक पहुंच गई। जो 10 दिन पहले 4200 रुपये में उपलब्ध थी।
फुटकर किराना दुकानों में अरहर की फूल दाल 160 से 170 रुपये किलो बिक रही है। कुछ दिन पहले 130 से 140 रुपये में मिल रही थी। बाजारों के जानकारों का कहना है कि इस वर्ष अरहर की फसल पर मौसम की मार पड़ी है। जिसकी वजह से फसल काफी कमजोर हुई है और मांग की तुलना में आवक नहीं के बराबर है।
दाल की बढ़ रही कीमतों की वजह से केंद्र सरकार ने दालों की जमाखोरी करने वालों पर कड़ी कार्रवाई का का आदेश दिया है। कई बार जमाखोरी के चलते दालों की कीमतों में उछाल होता है।
गृहणियां बोलीं, मजबूरी में ढीली करनी पड़ रही जेब
शहर के महादेवन टोला निवासी गीता बताती हैं कि लगातार बढ़ रही अरहर की दाल की कीमत की वजह से रसोई का सारा बजट बिगड़ गया। दोपहर के खाने में पकने वाली दाल रसोई से दूर हो गई है। अन्य दालों का प्रयोग करके देखा, लेकिन जो स्वाद अरहर की दाल में है वह अन्य दालों में कहा।
शहर के जयराम नगर निवासी कुसमा ने बताया कि अरहर दाल प्रोटीन के मामले में सबसे अच्छी दाल है। दस दिनों से दाल की बढ़ रही कीमत ने सोच में डाल दिया है। रसोई के बजट को बढ़ाना पड़ रहा है। बीना दाल के खाने में संतुष्टि नहीं मिलती है।