सेतुवाही अमावस्या पर श्रद्धालुओं ने गंगा में डुबकी
लगाई। सेतुवाही के साथ शनिश्चरी अमावस्या होने के कारण लोगों ने गंगा स्नान
के सत्तू का भी दान किया।
शनिवार को तड़के से भृगुधाम भिटौरा गंगा
घाट में भक्तों के पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया। कोई दो पहिया से तो
कोई चार पहिया वाहनों से गंगा स्नान को पहुंचा। गंगा में डुबकी लगाने के
साथ ही भक्तों ने गंगा मइया के जयकारे लगाए।
इसके बाद आचार्यों को
सत्तू का दान किया और दक्षिणा दी। गंगाजल लाकर भक्तों ने घरों में स्थापित
शंकर जी और विष्णु जी की प्रतिमा को स्नान कराया और सत्तू का भोग लगाया।
शनिश्चरी
अमावस्या पर शनि देव को प्रसन्न करने के लिए ओम शनिश्चराय नम: मंत्र का
जाप किया। साथ ही हनुमान चालीसा का पाठ कर सुख शांति की कामना की। आचार्य
पंडित केके पांडेय एवं आचार्य पंडित कृष्ण दत्त अवस्थी ने बताया कि
सेतुवाही अमावस्या के दिन सत्तू का दान करना पुण्यकारी माना गया है।