कस्बे के प्रतापनगर झाल मोहल्ला निवासी रामबली की बेटी सोनम (14) को कई दिन से बुखार आ रहा था। हालत बिगड़ने पर परिजनों ने चार दिन पहले कानपुर हैलट में भर्ती कराया था। जांच में किशोरी के डेंगू होने की पुष्टि हुई थी। मंगलवार की सुबह किशोरी की मौत हो गई।
इससे पहले कस्बे के किला मोहल्ले में दो महिलाओं की डेंगू से मौत हो चुकी है। इसी तरह से कस्बे के मजरे वनपुरवा में दो बच्चों की डेंगू की पुष्टि होने के बाद मौतें हुई हैं। इनके अलावा क्षेत्र के कौंहन, जरौली, सुजानपुर, कठौता, सरकंडी, कंसापुर, रमोशोलेपुर, ऐझी, बेसडी, कौंडर, बौंडर, मनावां, मटिहा गांव में घर बुखार रोगी है।
बुखार का सीजन होने के कारण झोलछाप डॉक्टरों की चांदी है। सुबह से शाम तक यह डॉक्टर घूम-घूमकर रोगियों के जीवन के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं। सीएचसी प्रभारी पवन वाजपेयी का कहना है कि प्रतिदिन अस्पताल की ओपीडी में डेढ़ सैकड़ा रोगी आ रहे हैं। इनमें बहुतायत बुखार रोगी हैं। बुखार रोगियों की स्लाइडें तैयार कराई जा रही हैं। संदेह होने पर रोगियों को जिला अस्पताल के लिए रेफर किया जा रहा है।