फतेहपुर। असोथर ब्लॉक की सरकंडी ग्राम पंचायत एक बार फिर भ्रष्टाचार के आरोपों को लेकर सुर्खियों में है। पहले से जारी मनरेगा मजदूरी घोटाले की जांच पूरी भी नहीं हुई थी कि अब प्रधान पुष्पा के खिलाफ 15वें वित्त आयोग, हैंडपंप मरम्मत, रीबोर, कुआं और मंदिरों की मरम्मत कार्यों में अनियमितता को लेकर डीएम रविंद्र सिंह को शपथपत्र के साथ एक नई शिकायत सौंपी गई है।
शपथपत्र में आरोप लगाया गया है कि वर्ष 2021 से अब तक 363 फर्जी जॉब कार्ड और फर्जी बैंक खातों के जरिये करोड़ों रुपये का फर्जी भुगतान किया गया। आरोप है कि कई जॉब कार्ड धारक अन्य ग्राम पंचायतों के निवासी हैं।
इसके अतिरिक्त, पुलिया, मंदिर, कुआं और नाली की मरम्मत के नाम पर भी सरकारी धन का दुरुपयोग किया गया है। शिकायतकर्ता का कहना है कि शौचालय निर्माण के लिए धन निकाल लिया गया, लेकिन मौके पर शौचालय नहीं मिले, और प्रत्येक लाभार्थी से दो-दो हजार रुपये की अवैध वसूली की गई।
शिकायत में यह भी कहा गया है कि मरम्मत कार्यों के लिए फर्जी बिल-वाउचर लगाकर भुगतान कराया गया। हैंडपंप मरम्मत में लागत से अधिक राशि दिखाकर 35 हजार के काम का 55 हजार का भुगतान दर्शाया गया है।
गोशाला संचालन में भी चारा-भूसा खरीद के नाम पर घोटाले का आरोप लगाया गया है। दावा किया गया है कि गोशाला में गोवंश भूख से मर रहे हैं और कई मवेशी मृत अवस्था में पाए गए हैं।
प्रधान के पति संतोष द्विवेदी ने कहा, पंचायत चुनाव नजदीक हैं और कुछ लोग राजनीतिक द्वेष के चलते झूठी शिकायतें कर उन्हें बदनाम करने की साजिश कर रहे हैं। उन्होंने यह भी दावा किया कि पहले की गई शिकायतों की जांच में वे निर्दोष पाए गए हैं।