एनआरएचएम को रवानी में लगे संविदा कर्मी चिकित्सक वादा खिलाफी का विरोध गांधीगिरी से कर रहे हैं। नियमितीकरण न किए जाने आदि मांगों को मुद्दा बनाकर संविदा कर्मी 21 फरवरी से फिलहाल एक घंटे ज्यादा काम कर सरकार को चेतावनी दे रहे हैं।
इनका कहना है कि अगर सरकार ने उनकी वाजिब मांगें नहीं मानी तो वह बड़े आंदोलन को मजबूर होंगे।
बुधवार को हंसवा पीएचसी में एनआरएचएम संविदा चिकित्सक संघ के जिलाध्यक्ष डॉ. कुमार आनंद की अगुवाई में विरोध का नायाब तरीका आजमाया गया। संविदा चिकित्सकों ने रिजवी रिपोर्ट का लाभ न दिए जाने का मामला प्रभावी तरीके से उठाया।
बोले कि सरकार ने उन्हें छलने का काम किया है। न तो उन्हें वादे के अनुरूप नियमित किया गया है और न ही सुविधाएं मुहैया कराई गई हैं। महिला चिकित्सकों को मातृत्व अवकाश का लाभ नहीं दिया जा रहा है, जबकि मातृत्व अवकाश किसी भी महिला कर्मचारी के लिए अनिवार्य है।
उन्होंने कहा कि एक घंटे ज्यादा सेवाएं देने का काम 29 फरवरी तक किया जाएगा। इसके बाद काली पट्टी बंाध कर संविदा चिकित्सक नौकरी करेंगे। इतने से भी बात नहीं बनी तो 13 मार्च से विधानसभा के सामने धरना देंगे।
इस मौके पर डॉ. अनीता, डॉ. केके पांडेय, डॉ. शादाब सिद्दीकी, डॉ. मुकेश शर्मा, डॉ. अजय श्रीवास्तव, डॉ. नदीम मुख्य रूप से मौजूद रहे।