खागा। जाली करेंसी के कारोबार में पुलिस की गिरफ्त में आए सरगना परवेज सिद्दीकी उर्फ लंगड़ा समेत तीन को पुलिस की लापरवाही से कोर्ट ने जमानत पर छोड़ दिया। कोर्ट ने तीनों में किसी भी आरोपी के पास एक भी जाली नोट बरामद नहीं होने पर जमानत दे दी।
खागा कोतवाली पुलिस ने अमांव गांव के सरगना परवेज सिद्दकी उर्फ लंगड़ा और उसके खखरेरू थाने के जहांगीरनगर गेहुरा निवासी साढ़ू उस्मान और तीसरे साथी कौशांबी जिला कड़ाधाम थाने के चूहापीरन निवासी गुफरान को पनिहा बाबा के पास गुरुवार को गिरफ्तार किया। पुलिस ने परवेज के पास से 90 हजार, उस्मान के पास से 35 हजार और गुफरान के पास से 25 हजार असली नोट बरामद किए हैं। जाली नोट बेचकर असली नोट मिलना बताया। पुलिस ने बरामदगी में एचडीएफसी बैंक शाखा खागा से 22 हजार 500 रुपये की जाली नोट जब्त किए। यह नोट परवेज ने कुछ दिन पहले ग्राहक सेवा केंद्र संचालक के माध्यम से जमा कराने के लिए भेजा था। नोट बैंक में पकड़े गए थे। एसीजेएम कोर्ट तृतीय के समक्ष तीनों आरोपियों को लेकर कस्बा प्रभारी सत्यप्रकाश पाठक ने पेश किया। कोर्ट से तीनों की न्यायिक हिरासत की मांग की। परवेज लंगड़ा के खिलाफ पूर्व में गोकशी समेत कई मामले दर्ज होने का आपराधिक इतिहास भी पेश किया। दूसरे पक्ष के अधिवक्ताओं ने बहस की। बहस सुनने के बाद कोर्ट ने तीनों में किसी भी आरोपी के पास एक भी जाली नोट बरामद नहीं होना माना। कोर्ट ने पुलिस को फटकार लगाई। तीनों की कोर्ट ने जमानत मंजूर कर दी। पुलिस की सारे किये कराए पर पानी फिर गया। आरोपियों की जमानत से खागा पुलिस की किरकिरी भी हो रही है। थाना प्रभारी ने बताया कि बरामदगी के आधार पर आरोपियों को जमानत मिली है।