बहुआ के लदिगंवा क्रय केंद्र में घान के पास भरे पानी को बाल्टी में भरते किसान
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फतेहपुर। बारिश के पानी से भीगे धान को बचाने के लिए किसान सुबह से क्रय केंद्रों में पहुंच गए। वहां धान के ढेर के आसपास भरे पानी को डिब्बा, बाल्टी में भरकर बाहर फेंकते रहे। आसमान में बादल व धुंध को देख कर किसानों में अभी भी चिंता बनी हुई है। वह धान के ढेर को तिरपाल से ढंके हुए हैं।
दो दिन की बारिश से क्रय केंद्रों में धान बेचने वाले किसानों का लाखों रुपये का नुकसान हो गया है। शनिवार को धूप नहीं निकली और भीगे हुए धान के ढेर जस का तस लगे रहे। धान के भीग जाने की वजह से तौल का काम भी बंद है। केंद्र प्रभारी सूखा धान तौल कराने की बात कर रहे हैं। खरीद केंद्र में पर्याप्त मैदान न होने की वजह से
किसानों को भीगे धान को सुखाने की चिंता सता रही है। असोथर क्षेत्र के किसान जयदेव सिंह गौतम का कहना है कि क्रय केंद्र में 25 दिन से धान का ढेर लगा है। इकट्ठा ढेर लगा होने की वजह से जो धान नीचे का है, उसमें वैसे ही सीलन आकर अंकुरित हो रहा था। अब भीग गया है और तौल न कराई गई तो धान खराब हो जाएगा। बहुआ क्षेत्र के किसान अमित अवस्थी, पप्पू कुशवाहा ने बताया कि क्रय केंद्र में धान का ढेर लगा है। बारिश का पानी वहां पर भर गया है। बाल्टी, डिब्बों में पानी भर कर बाहर फेंका गया है। फिर भी भीगे हुए धान की तौल न कराई गई तो खराब हो जाएगा।