खागा। अनुसूचित जाति के शिवबरन पासवान का सिर मुंडवाकर गांव घुमाने के मामले में 61 लोगों पर दोनों पक्षों के खिलाफ मुकदमे के 24 घंटे बाद रविवार देर शाम समझौता हो गया। दोनों पक्ष के लोग गांव में शांति व्यवस्था बनाए रखने की बात कहकर घर लौट गए। समझौते के दौरान विधायक खागा व पुलिस अधिकारी मौजूद रहे।
पहला मुकदमा शिवबरन उर्फ पुतानी पासवान की ओर से गांव के रोहित दीक्षित, लवलेश सिंह, सोमकरन व 50 अन्य लोगों के खिलाफ गाली-गलौज और जूते से पीटकर सिर मुंडवाकर पूरे गांव में घुमाने का दर्ज कराया गया था। दूसरे पक्ष के रोहित दीक्षित ने शिवबरन उर्फ पुतानी, शिवपाल पासवान, रामबहादुर व संतोष व चार अन्य के खिलाफ धर्म परिवर्तन को उकसाने का दर्ज कराया था। एएसपी विजय शंकर मिश्रा सुबह खागा कोतवाली पहुंचे। पूरे मामले की प्रगति रिपोर्ट जानी। बहलोलपुर ऐलई के प्रधान समेत कई अन्य लोगों को बुलाकर पूछताछ की। पूरे दिन कोतवाली में संभ्रांत लोगों के बीच पंचायत चलती रही। शिवबरन पासवान और रोहित दीक्षित ने एक दूसरे पर सरकारी जमीन पर कब्जे की शिकायत प्रशासन से की। एसडीएम अजय कुमार पांडेय के निर्देश पर राजस्व कर्मियों की टीम पुलिस बल के साथ बहलोलपुर ऐलई पहुंची। दोनों पक्षों के कब्जे की जांच की। कोतवाली में खागा विधायक कृष्णा पासवान शाम करीब पांच बजे पहुंची। इस दौरान सीओ खागा बृजमोहन राय, कोतवाल हेमंत कुमार मिश्रा पहुंचे। दोनों पक्षों के बीच सुलह की बातचीत शुरू हुई। करीब तीन घंटे चली बातचीत के बाद दोनों पक्ष कोतवाली से बाहर निकले। सीओ बृजमोहन राय ने बताया कि मामले में पक्षों के बीच समझौता हुआ है।