आधार कार्ड बनवाने के दूसरे चरण घंटों इंतजार से भीड़ का धैर्य जवाब दे गए। दोबारा पांच घंटे बाद जैसे ही प्रक्रिया शुरू हुई नंबर मारने के चक्कर में अफरातफरी मच गई।
सुबह से इंतजार करते लोग अव्यवस्था पर बरसते नजर आए। धक्कामुक्की के बीच कई लोग कतार से बाहर हो गए। उधर, कार्यदाई संस्था श्रेय इंफ्रास्ट्रक्चर फाइनेंस लिमिटेड ने कैंप चालू करने में हुई देरी को प्रशासनिक असहयोग का कारण बताया है।
आधार कार्ड की उपयोगिता ने हरेक शख्स को परेशान कर रखा है। कई कई चक्कर लगाने के बाद सफलता मिल पा रही है।
शहर में अभी तक राजकीय बालिका इंटर कालेज में आधार कार्ड बनाने की प्रक्रिया चल रही थी। बुधवार से कार्ड बनाने के नए कैंप की शुरुआत प्रेक्षागृह से हुई है।
आधार कार्ड बनवाने के लिए सुबह नौ बजे से जमा होने वाली भीड़ का धैर्य घड़ी की टकटक सुनकर टूटता रहा। जमा भीड़ के हो हल्ला करने से कार्ड बनाने के लिए महिलाएं, युवतियां और उम्रदराज खासा परेशानी में दिखाई दिए।
शोर शराबे के बाद दोपहर तीन बजे से आधार कार्ड बनने शुरू हुए, तब जाकर लाइन में सुबह से लगे लोगों को राहत मिली। इस दौरान तमाम लोग लाइन से हट भी गए।
नजीर के तौर पर सिविल लाइंस की माया ने बताया कि सप्ताहभर से वह राजकीय बालिका इंटर कालेज का चक्कर लगाने के बाद यहां आई थी। धक्कामुक्की ने आज का मौका भी हाथ से गया।
जबकि सादीपुर के छोटू आधार कार्ड बनने का इंतजार करते करते थकने के बाद अगले दिन आने का इरादा बना कर लौट गया।
कार्यदाई संस्था के कर्ताधर्ता एसएस चौहान ने प्रक्रिया में हुई देरी को प्रशासनिक असहयोग से जोड़ा। बताया कि एक भी प्रशासनिक शख्स सहयोग के लिए नहीं आया और न ही कुर्सी मेज की ही व्यवस्था कराई।
किराए पर मंगाने के बाद काम चालू कराया गया है। शाम सात बजे तक काम चलेगा।
इंसेट
22 लाख के सापेक्ष डेढ़ लाख ही बन सके
फतेहपुर। भारत सरकार की खास आधार कार्ड योजना पर हो रहे काम का यह दूसरा चरण है। पहला चरण लोक सभा चुनाव की अधिसूचना लागू होने तक चला था। उसके बाद दूसरा चरण करीब पांच महीने से चल रहा है। मौजूदा समय में बैंक आफ इंडिया के माध्यम से बनाए जा रहे आधार कार्ड का जिम्मा श्रेय इंफ्रास्ट्रक्चर फाइनेंस लिमिटेड को मिला हुआ है। कार्यदाई संस्था के प्रमुख एसएस चौहान की माने तो जिले में 22 लाख आधार कार्ड बनाने के लक्ष्य के सापेक्ष अभी तक डेेढ़ लाख के आसपास ही कार्ड बन सके हैं।