क्रय केंद्रों से गेहूं किसान मायूस होकर लौट रहा है। गेहूं के दाने में कमियां निकालकर वापस कर दिया जाता है। बर्बाद फसलों से बदहाल किसानों को समर्थन मूल्य नहीं मिल रहा है।
मजबूरी में किसानों को बाजार में समर्थन मूल्य से कम दाम पर गेहूं बेचना पड़ रहा है। एक तो बेमौसम बारिश व ओलावृष्टि से 25-30 फीसदी ही पैदावार हुई है। उधर, क्रय केंद्रों में डीएम के निर्देश के बाद भी गेहूं खरीद न होने से किसान परेशान है।
क्रय केंद्रों प्रभारियों के अनुसार गेहूं में 0.75 फीसदी खरपतवार व विजातीय तत्व, दो फीसदी क्षतिग्रस्त, चार फीसदी किंचित क्षतिग्रस्त और छह फीसदी सिकुडे़ दाने होने पर गेहूं की खरीद नहीं की जाएगी।
इन कमियों के कारण गेहूं की खरीद न के बराबर है। किसान सियाराम, ओमप्रकाश, धर्मपाल, शीतला सहाय, सूर्यप्रकाश बाजपेयी और पन्नालाल ने बताया कि क्रय केंद्रों में कमियां निकालकर गेहूं नहीं खरीदा जा रहा है।
मजबूरी में एक हजार से लेकर 12 सौ रुपये प्रति क्विंटल बाजार में बेचना पड़ रहा है, जिससे करीब 250 से लेकर 350 रुपये तक का नुकसान हो रहा है। किसानों ने बताया कि शासन के आदेशों का पालन न करके क्रय केंद्रों से लौटाया जा रहा है। गौरतलब है कि हाल ही में डीएम राकेश कुमार ने किसानों से गेहूं क्रय केंद्र में गेहूं बेचने की अपील करते हुए कहा था कि केंद्रों में किसानों से वाहन की उतराई, छनाई व अन्य किसी प्रकार की कटौती नहीं की जाएगी। इसके अलावा बेमौसम बारिश की वजह से 10 प्रतिशत सिकुड़ा और 50 फीसदी चमक विहीन गेहूं खरीदा जाएगा, जिसमें किसानोें को समर्थन मूल्य 1450 रुपये प्रति क्विंटल के हिसाब से दाम दिया जाएगा। क्रय केंद्र प्रभारी सुरेंद्र पाल सिंह ने बताया कि खराब गेहूं एफसीआई नहीं ले रहा है। इससे सभी प्रकार का गेहूं नहीं खरीदा जा रहा है। क्षेत्र में नगर समेत बुदवन, सेमरामानापुर, नवाबगंज, किशनपुर, धाताऔर हथगाम में क्रय केंद्र खुले हैं।
टोल फ्री नंबर 18001800150 पर करें डायल
क्रय केंद्रों में गेहूं खरीद में किसी प्रकार की परेशानी होने पर शासन स्तर से किसानों के लिए टोल फ्री नंबर जारी किया गया है। जिलाधिकारी राकेश कुमार ने बताया कि गेहूं किसान टोल फ्री नंबर 18001800150 डायल कर अपनी परेशानी बता सकता है। कहा कि गेहूूं बेचने में किसानों अपने साथ जोतबही और बैंक की पासबुक की छाया प्रति अवश्य लेकर जाएं