स्वास्थ्य विभाग ने संक्रामक बुखार के सामने हाथ डाल दिया है। बीमारी से होने वाली मौतों का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। शुक्रवार की रात बीमारी से अधिवक्ता समेत दो की मौत हो गई। वायरल फीवर के साथ अब मलेरिया रोगियों की संख्या भी बढ़ना शुरू हो गया है।
शहर के खुशवक्त रायनगर निवासी अधिवक्ता गंगासागर (65) की रात में अचानक बुखार से हालत खराब हो गई। परिजन अस्पताल ले जाने की तैयारी कर रहे थे, लेकिन उनकी मौत हो गई। बिंदकी प्रतिनिधि के अनुसार बकेवर निवासी दयाराम (40) पखवारेभर से बुखार से पीड़ित थे। उन्हें कानपुर के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। गुरुवार को परिजन घर ले आए थे।
शुक्रवार की रात हालत बिगड़ने पर परिजन फिर कानपुर ले गए, लेकिन डाक्टरों ने भर्ती नहीं किया, इसी दौरान उनकी मौत हो गई। ग्रामीण हरिनारायन, विकास, संगम, दीपक, संजय, मनोज ने बताया कि देवमई विकास खंड के गांव बुखार की चपेट में है। अभी तक संक्रामक रोग नियंत्रण टीम गांव में नहीं पहुंची है।
उधर, जिला अस्पताल में वायरल बुखार के साथ मलेरिया रोगियों की संख्या बढ़ना शुरू हो गया है। प्रति दिन डेढ़ सौ से अधिक स्लाइडों की जांच हो रही है, जिनमें चार से पांच मलेरिया रोगी निकल रहे हैं। अभी तक मलेरिया रोगियों का औसत एक से दो ही रहा है। ऐसी हालत में साफ है कि जिले में मलेरिया ने पैर पसारना शुरू कर दिया है।
अस्पताल के सीएमएस डा. वीएन पाठक का कहना है कि वायरल के साथ मलेरिया बुखार का सीजन है। हर साल इस मौसम में बुखार रोगी बढ़ते हैं। अस्पताल में कुशल डाक्टरों के साथ पर्याप्त दवाएं हैं। ऐसे में साफ है कि स्वास्थ्य विभाग हर परिस्थिति से निपटने में सक्षम है।