फतेहपुर। जनपद के 12 से अधिक रास्तों पर ओवरलोड व अनफिट ऑटो हर रोज दौड़ रहे हैं। वे रास्ते में पड़ने वाले थाने व चौकियों के सामने व पुलिस की मौजूदगी में बेहिचक गुजरते हैं। दुर्घटना का कारण बनने वाले ऐसे ऑटो विक्रम को पूरी तरह से रोकने में नाकाम पुलिस सिर्फ कार्रवाई करके अपना काम पूरा समझती है। जबकि ऐसी गाड़ियों के दुर्घटना होने पर यात्रियों को मुआवजा तक नहीं मिलता है।
हरदोई में 14 सवारियों से भरा ओवरलोड आटो पलटने से 11 की मौत हो गई थी। इसके बाद भी जनपद का पुलिस व यातायात प्रशासन सजग नहीं है। यहां पर पुरानी कंडम आटो कई रूटों पर दौड़ रही हैं। उनका रजिस्ट्रेशन, बीमा व फिटनेस सभी खत्म है। इसके बाद भी जिम्मेदार उन्हें सख्ती से रोकने की दिशा में कदम नहीं उठा रहे हैं। ऐसा ही बहुआ से फतेहपुर मार्ग 25 किमी की पड़ताल में सामने आया।
शनिवार दोपहर करीब 2.40 बजे ललौली के बहुआ चौकी के बगल से संचालित स्टैंड से अनफिट ऑटो शहर के लिए रवाना हुआ। वह सवारियों की जान जोखिम में डालकर बांदा टांडा हाईवे पर अनियंत्रित दौड़ा। ऑटो लदिगवां, खटौली, जिंदपुर टोल प्लाजा हाईवे से तेजी से निकला। इसके आगे शाह पुलिस चौकी के सामने कुछ सवारियों को उतारा और ढकौली होते हुए राधानगर थाने के सामने से दोपहर करीब 3.30 बजे गुजरा। यहां पर तैनात पुलिसकर्मी ने रोकने की जरूरत तक नहीं समझी। ऑटो शहर के देवीगंज स्टैंड में रुका। इस 25 किमी की दूरी में ललौली व शाह दो चौकी और एक राधा नगर थाना पड़ा। तीनों जगह यातायात माह के दौरान भी पुलिस ने ऐसे कंडम वाहनों पर कार्रवाई की संजदगी नहीं दिखाई।
- शहर के देवीगंज के पास ऑटो नंबर यूपी 71 टी 5863 सवारियों को लेकर निकली। इस वाहन का पंजीकरण समाप्त हो चुका है। लेकिन यह वाहन बेरोकटोक हर रोज सड़क पर दौड़ रहा है।
बहुआ से ऑटो चालक सवारियों को भरकर शहर की ओर निकला। इसमें बाहर तक सवारियां लटकी। लेकिन किसी जिम्मेदार ने रोकटोक तक नहीं की।
ओवरलोड, अनफिट व यातायात नियमों को पालन नहीं करने वाले वाहनों पर लगातार कार्रवाई की जा रही है। शनिवार को लोधीगंज चौकी पर दो आटो को सीज किया गया है। डेढ़ माह में 175 वाहन बंद किए गए हैं। ऐसे सभी वाहन पूरी तरह बंद होंगे।
सुनील दत्त, एआरटीओ, प्रवर्तन