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पोल पर लाइनमैन की मौत, तीन घंटे लटका रहा शव

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घटनास्थल पर पीड़ितों को समझाती पुलिस - फोटो : fatehpur
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फतेहपुर। ग्यारह हजार लाइन में फाल्ट सुधारने को बिजली पोल पर चढ़े संविदा लाइनमैन की करंट की चपेट में आने से मौत हो गई। हंगामा होने पर पोल पर उसका करीब तीन घंटे तक शव लटकता रहा। एसडीएम, सीओ, एक्सईएन मौके पर पहुंचे। मुआवजे के आश्वासन पर मामला शांत हो सका।
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गाजीपुर थाना क्षेत्र के बड़नपुर गांव निवासी जगदीश यादव (55) राधानगर उपकेंद्र में लाइनमैन थे। वह परिवार के साथ शहर के बक्सपुर में रहते थे। झाउपुर की 11 हजार लाइन में फाल्ट की सूचना उपकेंद्र से लाइनमैन जगदीश, बाबूलाल, रामदास निकले थे। फाल्ट वाले इंटर कालेज के पास बिजली पोल पर जगदीश फाल्ट ठीक
करने के लिए चढ़े। अचानक करंट की चपेट में आने से जगदीश को जलता देख चीख-पुकार मच गई। साथ गए लोग दूर जा खड़े हुए। कुछ देर बाद आपूर्ति बंद हुई। थोड़ी ही देर में भीड़ जुुट गई। बेटे दशरथ के साथ परिजन भी आ पहुंचे। विभाग पर लापरवाही का आरोप लगातेे हुए हंगामा शुरू हो गया। एसडीएम राहुल कश्यप विश्वकर्मा और
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सीओ सिटी केडी मिश्रा पहुंचे। उन्होंने बिजली विभाग के अधिकारियों से बातचीत की। एक्सईएन आरएल सिंह, एसडीओ पवन सिंह पहुंचे। परिवार को पांच लाख आर्थिक सहायता दिलाने का आश्वासन दिया गया। बीस हजार
रुपये तात्कालिक सहायता राशि दी। करीब तीन घंटे बाद साथी लाइनमैनों ने शव को नीचे उतारा। चौकी इंचार्ज गोविंद सिंह ने बताया कि विभाग से मुआवजे के आश्वासन पर मामला शांत हो सका। शव का पोस्टमार्टम कराया
जाएगा। उधर, एसडीओ पवन सिंह का कहना है कि जगदीश के साथ गए साथी ने सीढ़ी खंभे में लगाई। एक साथी उपकेंद्र को शटडाउन के लिए फोन लगाने लगा। जगदीश जल्दबाजी में चढ़ गए। पोल पर बिजली सप्लाई बंद नहीं हो पाई थी। करंट की चपेट में आने से पोल पर जगदीश जिंदा जलने लगे। कुछ देर बाद आपूर्ति बंद हुई।
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