बिंदकी। कोतवाली क्षेत्र के बाग बादशाही स्थित ऐतिहासिक किले में 26 जनवरी की शाम दो पक्षों के बीच विवाद हो गया। पुलिस ने एक पक्ष के खिलाफ तिरंगे का अपमान करने और सरदार सेना के राष्ट्रीय प्रचारक को असलहों के बल पर पीटने की प्राथमिकी दर्ज की है। दूसरे पक्ष से किले के संविदा सफाईकर्मी ने भी मारपीट और पत्नी के साथ अभद्रता करने का आरोप लगाया है।
सैंमसी नंदापुर निवासी वीरेंद्र कुमार वर्मा ने एसपी से शिकायत में बताया कि उनका पुत्र जगदीश्वर सरदार सेना का राष्ट्रीय प्रचारक है। 26 जनवरी की शाम वह बाग बादशाही किला घूमने गया था। यहां कुछ लोग शराब और सिगरेट पी रहे थे। विरोध करने पर संविदाकर्मी संजय वाल्मीकि ने विवाद किया और कुछ साथियों को बुला लिया। इसके बाद बेटे के सिर से तिरंगे की टोपी खींचकर अभद्रता की।
कुछ देर बाद महाजनी वार्ड के सभासद सूर्या सोनकर साथियों के साथ तमंचा और रिवाॅल्वर लेकर पहुंचे। उन्होंने युवक को पीटकर मरणासन्न कर दिया। मारपीट से पर्यटन स्थल पर महिलाओं और बच्चों में भय का माहौल व्याप्त हो गया। घटना के बाद सूर्या सोनकर समर्थकों के साथ पुलिस चौकी पहुंचे और सुलह का दबाव बनाने का प्रयास किया। आरोप है कि इस दौरान पुलिस ने घायल युवक को अस्पताल नहीं पहुंचाया और उल्टा हरिजन एक्ट लिखने की धमकी दी।
दूसरे पक्ष से संजय वाल्मीकि ने तहरीर में बताया कि वह पत्नी संगोत्री देवी के साथ किले का गेट बंद कर रहे थे। कुछ लोग शराब पी रहे थे। इन्हें मना करने पर उन्हें जातिसूचक शब्दों का सामना करना पड़ा और झंडा फाड़कर डंडे से हमला किया गया। पत्नी को भी अपमानित किया गया। कोतवाल हेमंत मिश्रा ने बताया कि वीरेंद्र वर्मा की ओर से प्राथमिकी दर्ज की गई है। दूसरे पक्ष की तहरीर पर भी जांच की जा रही है।