फाइल फोटो-37-राघवेंद्र सिंह। स्रोत: परिजन
असोथर। तीन साल के बच्चे को कमरे में अकेले छोड़ने की लापरवाही परिवार के लिए जीवनभर का गम बन गई। फर्राटा पंखे का फैला कटा तार छू लेने से बच्चे की मौत हो गई। हादसे के बाद परिजन बेहाल हैं।
थानाक्षेत्र के बहादुरपुर मजरे रिठवां निवासी संदीप का पुत्र राघवेंद्र सिंह (3) कमरे में मंगलवार दोपहर खेल रहा था। कमरे में फर्राटा पंखे का तार पड़ा हुआ था। मां शांति खेत पर मूंग तोड़ने गई थी जबकि पिता व पांच साल का भाई रुद्र प्रताप घर के बाहर थे। इधर कमरे में खेल रहे बच्चे ने तार पकड़ लिया। तार कटा होने से बच्चा करंट की चपेट में आ गया। कुछ देर बाद परिजन कमरे पहुंचे तो उन्हें बच्चा बेहोश मिला। परिजन आनन-फानन में उसे लेकर नर्सिंग होम पहुंचे जहां डॉक्टर ने राघवेंद्र को मृत घोषित कर दिया। प्रभारी निरीक्षक रमाशंकर सरोज ने बताया कि परिजन की ओर से हादसे की जानकारी नहीं मिली है।
छोटे बच्चों को अकेले छोड़ने पर पहले भी हुईं घटनाएं
जाफरगंज थाना क्षेत्र में एक डेढ़ वर्षीय मासूम आयुष्मान घर की छत पर खेल रहा था। पानी भरे टब में डूबने से बच्चे की मौत हो गई।
खखरेरू थानाक्षेत्र में पांच साल का बच्चा घर की छत पर अकेला खेल रहा था। खेलते समय छत से गिरने से सरिया बच्चे के पेट से आरपार हो गया था।
राधानगर थाने के बड़नपुर चौराहे के पास निर्माणाधीन घर के सेफ्टी टैंक में डूबकर दो बच्चों (उम्र चार और सात साल) की मौत हो गई थी।
किशनपुर थानाक्षेत्र के सरौली गांव में 4 वर्षीय मासूम बच्चे की नहर में डूबने से मौत हुई। दंपती नजदीक में ही सरसों के खेतों में निराई गुड़ाई कर रहे थे।
हथगाम थानाक्षेत्र में 10 वर्षीय बच्चे को घर के बाहर खेलते समय बाइक सवार घसीट ले गया। हादसे में बच्चे की मौत हो गई थी।