चौडगरा (फतेहपुर)। चौडगरा कस्बे में मुख्य मार्ग पर बड़े-बड़े गड्ढे व नालों की व्यवस्था न होने से गुस्साए पूर्व मंत्री अमरजीत सिंह जनसेवक ने कड़े तेवर दिखाए और हाइवे जाम करने की चेतावनी दी, तब कहीं जाकर बुधवार को सुबह 11 बजे से जाम की घोषणा के पहले ही एनएचआई के दो ट्रकों से डस्ट मिली गिट्टियां डालकर गड्ढों की पुराई शुरू हुई। उधर, इस बीच पूर्व मंत्री ने ओवरब्रिज पुल के नीचे सभा की और एसडीएम सहित एनएचआई अधिकारी संग मंत्रणा कर अविलंब नाला निर्माण एवं जलनिकासी प्रबंध करवाने को कहा। एनएचआई की ओर से एक नाला निर्माण एवं पूर्व में बने नाले की सफाई सहित हाईवे के पानी की निकासी के आश्वासन पर सभा समाप्त हुई।
चौडगरा कस्बे के अंदर सड़क पर चारों ओर बड़े-बड़े गड्ढे हैं। यह गड्ढे पानी की निकासी न होने के कारण सड़कों पर जलभराव की वजह से हैं। कस्बे में पेट्रोल पंप से गुप्ता होटल तक नाला है नहीं जिसकी वजह से इस रास्ते का पूरा पानी बहकर चौराहे पर एकत्र होता है और पानी एकत्र होने की वजह से डामर की सड़क उखड़ जाती है। दूसरे हाईवे अथारिटी ने मार्ग निर्माण के साथ सड़क किनारे जो नाले का निर्माण करवाया था वह सफाई के अभाव में बेकार हो गया है। इन नालों से कस्बे का पानी निकल नहीं पा रहा और सड़कों पर भर रहा है। इन गड्ढों की वजह से आए दिन दुर्घटनाएं भी हो रही हैं।
इस समस्या को लेकर पूर्व मंत्री अमरजीत सिंह जनसेवक ने बुधवार को 11 बजे हाइवे जाम करने की घोषणा की थी। पूर्व मंत्री बुधवार को 11 बजे कस्बे में पहुंचे। इस बीच वहां करीब डेढ़ सैकड़ा लोग एकत्र हो गए। हाइवे जाम की घोषणा का असर यह रहा कि हाइवे अथारिटी की ओर से पहले ही डस्ट मिश्रित गिट्टियों से गड्ढों की पुराई शुरू करवा दी गई थी। एसडीएम डा. विपिन मिश्रा, सीओ बिंदकी शैलेंद्र सिंह राठौर, एसओ कल्यानपुर जेपी यादव भी पहुंच गए थे। इस बीच जनसेवक ने ओवरब्रिज पुल के नीचे मंच लगाकर भाषण शुरू किया और हाइवे अधिकारियों को बुलाने की मांग की। एसडीएम से हुई वार्ता पर हाईवे अथारिटी के एक अधिकारी संजय आनंद वहां पहुंचे। अधिकारियों और जनसेवक के बीच हुई वार्ता के बाद जनसेवक की सभा समाप्त हो गई। जनसेवक ने कहा कि नाला निर्माण शीघ्र नहीं होता तो हाईवे जाम किया जाएगा। इस मौके पर कल्यान सिंह, जंग बहादुर सिंह मखलू, रमेश सिंह, सुरजपाल यादव, राजकरन सिंह आदि मौजूद रहे।
उधर, ग्राम प्रधान कल्यान सिंह ने कहा कि हाईवे सिर्फ सड़क के पानी को निकालने के लिए नाला निर्माण की बात कह रहा है जबकि कसबे का पानी निकलने का कोई प्रबंध नहीं है। इसलिए नाले का निर्माण सीडीओ से वार्ता कर इस तरह होना चाहिए कि कस्बे के पानी की निकासी की समुचित व्यवस्था हो सके।