फतेहपुर। सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत कार्डधारकों और कोटेदारों की सहूलियत को देखते हुए जिलाधिकारी ने जिले भर में खाली पड़ी सरकारी सस्ते गल्ले की दुकानाें में शीघ्र कोटेदारों की नियुक्ति करने के आदेश दिए हैं। इसके साथ निलंबित और निरस्त दुकानाें से संबंधित वादों की नियमित पैरवी कर मामलों को समयानुसार निपटाने के भी निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा तीन माह से अधिक किसी भी हालत में सरकारी कोटे की दुकानें संबद्ध नहीं की जानी चाहिए।
गरीबी रेखा से ऊपर वाले (एपीएल) कार्डधारक हों या फिर गरीबी रेखा के नीचे वाले (बीपीएल) या फिर अंत्योदय कार्डधारक, गांव का कोटा निलंबित होने पर उन्हें राशन लेने के लिए दूसरे गांव के कोटेदार के यहां चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे। सरकारी सस्ते गल्ले की खाली दुकानों में शीघ्र कोटेदार भी नियुक्त किए जाएंगे। जिलाधिकारी कंचन वर्मा ने जिला पूर्ति अधिकारी सुनील कुमार यादव को निर्देश जार कर कहा है किसी भी निलंबित अथवा निरस्त दुकान को दूसरी दुकान से तीन माह से अधिक संबद्ध न रखा जाए। तीन माह के अंदर संबंधित निलंबित/बर्खास्त दुकान को या तो नियमानुसार बहाल करें या फिर दूसरे कोटेदार की नियुक्ति कर दें। जिलाधिकारी ने डीएसओ को निर्देशित किया है कि सस्ते गल्ले की खाली दुकानों में नए कोटेदारों को नियुक्त की जाए। डीएम ने गल्ले और केरोसिन की दुकानाें सेेेेेेेेेेेेेेे संबंधित विभिन्न न्यायालयों में चल रहे अलग-अलग वादों की नियमित पैरवी के भी निर्देश दिए ताकि समय से मामलों का निस्तारण हो सके और सार्वजनिक वितरण प्रणाली की व्यवस्था को पटरी पर लाया जा सके। इससे दुकानें व्यवस्थित ढंग से चलेंगी और उपभोक्ताओं और कोटेदार को भी सुविधा रहेगी।