फतेहपुर। वेतन विसंगति समेत विभिन्न समस्याओं के निराकरण को लेकर लेखपालों ने आवाज बुलंद की। उत्तर प्रदेश लेखपाल संघ के पदाधिकारियों ने धरना प्रदर्शन करते हुए मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन डीएम को सौंपा।
मंगलवार को नहर विभाग के निरीक्षण भवन परिसर में संगठन के जिलाध्यक्ष विनोद कुमार अग्निहोत्री के नेतृत्व में धरना प्रदर्शन किया। जिलाध्यक्ष ने कहा कि लेखपालों की कमी के चलते काम का दबाव अधिक है। अन्य कर्मचारियों की अपेक्षा लेखपाल का वेतन भत्ते एवं अन्य सुविधाएं काफी कम है। लेखपालों ने प्रारंभिक वेतनमान, वाहन भत्ता, स्टेशनरी अन्य प्रांतों के समान किए जाने, प्रदेश में राजस्व निरीक्षक के 1398 नए राजस्व पदों का सृजन किए जाने तथा पूर्व प्रस्तावित 646 पद रजिस्ट्रार कानूनगों संशोधित नाम राजस्व निरीक्षक तहसील कार्यालय में बढ़ाने की मांग उठाई। प्रदेश में लेखपालों के आठ हजार पदों को भरने तथा लेखपालों की शैक्षित योग्यता वर्तमान समय में इंटरमीडिएट है जिसे स्नातक किए जाने और नियुक्ति अधिकारी उप जिलाधिकारी के स्थान पर जिलाधिकारी को किए जाने की मांग की। इस दौरान जिला मंत्री बीरेंद्र सिंह ने कहा कि पहले की तरह तहसीलदार और समाधान दिवस का बहिष्कार जारी रहेगा। 13 अक्टूबर को राजस्व परिषद लखनऊ का घेराव किया जाएगा। इस दौरान उपाध्यक्ष रामशरण सिंह परिहार, कोषाध्यक्ष सोहनलाल, आडीटर रामकिशोर मौजूद रहे।