फतेहपुर। बसपा जिलाध्यक्ष सुनील कुमार गौतम और पूर्व विधायक मुरलीधर गौतम को निष्कासित करने के मायावती के फैसले के बाद से पार्टी में भूचाल आ गया है। निष्कासित जिलाध्यक्ष और पूर्व विधायक ने एक बसपा विधायक पर बसपा प्रमुख मायावती को गुमराह कर कार्रवाई कराने का आरोप लगाया है। बताया जिस दलित की हत्या के आरोपियों की मदद करने का गलत आरोप उन पर लगाया गया है। हत्यारोपियों के खिलाफ तो एफआईआर दोनों नेताओं ने ही थाने में बैठकर दर्ज कराई थी।
दोनों निष्कासित बसपा नेताओं ने आरोप लगाया बसपा विधायक ने उन लोगों से इस मामले में ज्यादा दखल न देने को यह कहकर मना किया था कि वह इस मामले को देख रहे हैं। उनके क्षेत्र का मामला है, इसे सुलझा लिया जाएगा। इसके बाद भी दोनों निष्कासित नेता थाने गए और आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई। इसकी पुष्टि भी संबंधित पुलिस अधिकारियों से की जा सकती है। दरअसल ललौली थाने के ओती गांव में दलित रामधनी की कुछ दबंगों के पीटने से मौत हो गई थी। बसपा सुप्रीमो के निर्देश पर पार्टी के जोनल कोआर्डिनेटरों ने सुनील गौतम और मुरलीधर गौतम को आरोपियों की मदद करने के आरोप में निकाल दिया।
बसपा नेताओं सुनील गौतम व मुरलीधर गौतम ने कहा आने वाले दिनों में बसपा सुप्रीमो को सच की जानकारी हो जाएगी। दूध का दूध और पानी का पानी होने से वह लोग निर्दोष साबित होंगे। सच्चाई सामने आने पर बसपा सुप्रीमो से उन्हें न्याय मिलेगा और जो लोग पार्टी में रहकर निजी फायदा देख रहे हैं, उनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई होगी।