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डीएम के आदेश पर भी रिपोर्ट दर्ज नहीं

Sat, 27 Sep 2014 05:32 AM IST
Fatehpur
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फतेहपुर। बेसिक शिक्षा विभाग भ्रष्टाचार में लिप्त टीचरों को बचाने में पीछे नहीं है। चार साल पहले अतिरिक्त कक्षा कक्ष एवं किचन शेड के निर्माण में भारी धांधली की पुष्टि होने के बावजूद अधिकारियों ने निर्माण प्रभारी टीचर को क्लीन चिट दे रखी है, जबकि आरोपी टीचर के खिलाफ जिलाधिकारी ने मुकदमा दर्ज कराने के आदेश 8 महीने पहले जारी किए थे। बेसिक शिक्षा विभाग ने डीएम के आदेश को रद्दी की टोकरी फेंक दिया है और गबन के आरोपी टीचर के खिलाफ अभी तक मुकदमा दर्ज नहीं कराया गया है। भिटौरा विकास खंड क्षेत्र के प्राथमिक स्कूल चंदेलनपुर मजरे जमरावां में एक अतिरिक्त कक्षा कक्ष निर्माण के लिए 2 लाख एक हजार रुपए और किचनशेड का निर्माण कराने के लिए 59 हजार रुपए मिलाकर कुल 260000 रुपए का बजट भेजा गया था। निर्माण प्रभारी टीचर ने आधा अधूरा निर्माण कराकर बजट के बड़े हिस्से का गबन कर लिया था। प्रधान की शिकायत पर तत्कालीन जिलाधिकारी ने मामले की जांच अधिशासी अभियंता ग्रामीण अभियंत्रण विभाग से कराई थी। जांच में आधा अधूरा निर्माण के साथ कार्य की गुणवत्ता बेहद न्यून पाई गई थी। जांच अधिकारी की रिपोर्ट के आधार पर अपर जिलाधिकारी ने जनवरी 2014 में जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी को निर्माण प्रभारी के खिलाफ वित्तीय अनियमितता का मुकदमा दर्ज कराने के आदेश दिए थे। बीएसए दफ्तर पहुंचे जिलाधिकारी कार्यालय के इस पत्र को रद्दी की टोकरी में फेक दिया गया है। इसके बाद निर्माण प्रभारी टीचर के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई है। इतना ही नहीं निर्माण प्रभारी से संबंधित निर्माण ठीक कराने का भी प्रयास नहीं किया गया है। अतिरिक्त कक्षा कक्ष और किचनशेड़ दोनों खंडहर में तब्दील पड़े हैं।
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डीएम के आदेश की अवहेलना अपराध
फतेहपुर। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी ओपी त्रिपाठी ने साफ शब्दों में कहा कि डीएम के आदेश की अवहेलना बड़ा अपराध है। उनके कार्यकाल का प्रकरण नहीं है। इसके बावजूद अगले कार्यदिवस के डीएम कार्यालय से जारी पत्र की खोज कराई जाएगी। इतना ही नहीं संबंधित टीचर के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराते हुए रिकवरी के साथ विभागीय कार्यवाही भी की जाएगी।
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