हंसवा(फतेहपुर)। टप-टप करती नाल की टाप के बीच दौड़ रहे घोड़ों से उठती धूल के गुबार और तालियों की गड़गड़ाहट के बीच घुड़सवारी प्रतियोगिता का आगाज हुआ। प्रतियोगिता में शामिल दो दर्जन से अधिक घोड़ों ने मैदान मारने के लिए पूरा दम लगा दिया। आखिरकार बाजी ‘तूफान’ नाम के घोड़ा के हाथ लगी। इस तूफान ने चंद सेकेंड के अंतराल में ‘राजू’ नाम के घोड़ा को शिकस्त देकर बाजी मार ली।
आधुनिक दौर में विलुप्त होती पारंपरिक प्रतियोगिताएं जिस प्रकार से हाशिए पर नजर आ रही हैं। ऐसे में रविवार को क्षेत्र के पटैतापुर गांव की पशु बाजार में जो कुछ देखने को मिला, उससे परंपरा की विरासत संजो कर रखने की एक पहल माना जाएगा। इस बाजार के मैदान में हुई घुड़सवारी प्रतियोगिता में एक दूसरे को पछाड़ने की कोशिश करते घोड़ों को देखने के लिए न सिर्फ लोग उमड़ पड़े, वरन क्षेत्रीय कद्दावर चेहरों ने इस पहल को मुकाम तक पहुंचाने की बात कही। चार चरणों में हुई घुड़सवारी प्रतियोगिता के पहले राउंड में चार-चार घोड़े दौड़ाए गए। इनमें से अव्वल आने वाले घोड़ों को दूसरे राउंड में शामिल किया। तीसरे और चौथे चरण में हुई दौड़ खासी रोचक रही। लोग घोड़ों की दौड़ को अपलक निगाह से देखे जा रहे थे। जमा भीड़ पूरी तरह से इस प्रतियोगिता में रमी हुई थी। शायद यही वजह रही कि इस प्रतियोगिता का फैसला वीडियो फुटेज से हो सका। पुरस्कार वितरण के दौरान पूर्व ब्लाक प्रमुख इंद्रसेन यादव ने ऐसी प्रतियोगिताओं की आज की दरकार बताई। कहा कि देश के पारंपरिक खेलों में शुमार रही कई प्रतियोगिताएं भूली बिसरी यादें बनती चलीं जा रहीं हैं। ऐसे मेें घुड़सवारी जैसी प्रतियोगिताओं को सरंक्षण देना जरूरी है। प्रतियोगिता में प्रथम पुरुस्कार बेर्राव के रोहित तिवारी के घोड़ा तूफान को 51 सौ का नकद ईनाम दिया गया। उप विजेता मल्लीपुर के प्रधान बचोली के घोड़ा राजू को 11 सौ को मिला। इस मौके पर सुरेंद्र सिंह, बचान सिंह, राम नाथ गोयल, सिपाही लाल, लाला सिंह मौजूद रहे।