जागरूकता अभियान के बावजूद जिले में सड़क हादसों में
होने वाली मौत का आंकड़ा साल दर साल बढ़ता जा रहा है। पिछले महीने हुई 85
दुर्घटनाओं में 37 लोगों की मौत हो गई। इनमें 22 बाइक सवारों की मौत
हेलमेट न पहनने से सिर पर आई गंभीर चोटों की वजह से हुई। इसके अलावा सड़क
हादसों मेेेें 59 लोग घायल हो गए ।
जागरूकता माह के दौरान इस बार
पहले की अपेक्षा ज्यादा हादसे हुए। नवंबर में हुई 85 दुर्घटनाओं में 37
लोगों की मौत हुई और 59 घायल हो गए। जबकि अक्तूबर में 26 लोगों की मौत और
55 लोग घायल हुए थे।
सितंबर में 28 लोग मरे और 60 लोग घायल हुए थे।
दीपावली की शाम अमौली में बाइकों की भिड़ंत में दो लोगों की मौत हुई थी। 27
नवंबर को बाइकों की भिड़ंत में नउवाबाग रोड पर दो युवकों की मौत हुई।
दोनों ही हादसों में किसी ने हेलमेट नहीं पहना था। मौत की वजह सिर में गहरी
चोट निकली। अक्सर देखा जाता है। बाइक सवार हेलमेट न लगाकर यातायात
नियमों की धज्जियां उड़ाते हैं।
उन्हें पुलिस को गच्चा देकर चेकिंग के
दौरान गली से भागना अच्छा लगता है। लेकिन यह चिंता नहीं रहती कि वह अपनी
जान जोखिम में डाल रहे हैं।
हादसे का शिकार होने वाले मृतकों और घायलों के
परिवार शारीरिक, मानसिक और आर्थिक रूप से टूट जाते हैं। सीओ सिटी/यातायात
वंदना सिंह ने कहा कि चेकिंग प्वाइंट पर पुलिस बाइक सवारों को रोककर हेलमेट
लगाने की हिदायत देती है। हेलमेट की ब्रांडेड कंपनियों को शामिल किया
जाएगा।
सस्ते दामों में भी हेलमेट की बिक्री कराने की कोशिश होगी। करीब 60
से 70 फीसदी दुर्घटनाओं में बाइक सवारों की मौतें हेड इंजरी की वजह से होती
है। शायद ऐसे अभियान से ही बचाव हो सकता है। चुनाव संपन्न होने के बाद
अभियान चलाकर लोगों को हेलमेट लगाने के लिए जागरूक किया जाएगा।