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82 करोड़ के बैंक घोटाले के जांच दस्तावेज जले

Thu, 11 Feb 2016 01:04 AM IST
ब्यूरो अमर उजाला फतेहपुर
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कोआपरेटिव बैंक की कई शाखाओं में हुए 82 करोड़ के घोटाले के जांच दस्तावेज बुधवार को संदिग्ध हालात में जल गए। दस्तावेज, बैंक के उन दो अधिकारियों के घर में रखे थे, जो घोटाले की जांच कर रहे हैं। उनका कहना है कि दस्तावेज जलने के बाद भी जांच प्रभावित नहीं होगी, क्योंकि इनकी दूसरी प्रतियां हैं।
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इस बाबत सीओ सिटी मदन सिंह का कहना है कि बैंक घोटाले के अभिलेख जलने का मामला गंभीर है। आग लगी या लगाई गई, इसकी गहराई से जांच कराई जाएगी। अग्निकांड में करीब एक लाख की गृहस्थी भी जल गई। दमकलों ने बमुश्किल आग पर काबू पाया।

 
बहराइच के मूल निवासी धर्मेंद्र सिंह और एसपी सिंह कोआपरेटिव बैंक के अनुभाग अधिकारी लेखा के पद पर तैनात हैं। दोनों कर्मचारी हरिहरगंज मोहल्ले के चूना वाली गली में अशोक पांडेय के मकान में किराएदार हैं। वे बुधवार सुबह दस बजे बैंक ड्यूटी पर चले गए।
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दोपहर को आसपास के लोगों ने कमरे से धुआं निकलते देख इनको और फायर ब्रिगेड को सूचना दी। तुरंत मौके पर आए दोनों अधिकारियों ने कमरे का दरवाजा खोला लेकिन धुएं और आग के कारण अंदर घुसने की हिम्मत नहीं जुटा सके। इस बीच आई दमकल ने कड़ी मशक्कत से आग बुझाई लेकिन तब तक दस्तावेज जल चुके थे।

 
धर्मेंद्र सिंह ने बताया कि खागा, किशनपुर, खखरेरू कोआपरेटिव बैंक घोटालों के जांच अभिलेख जले हैं। वे इन मामलों की जांच कर रहे हैं।


घोटाले का केस कोर्ट में चल रहा है। कई नए मामले भी सामने आए हैं। सभी अभिलेखों की कार्यालय प्रतिलिपि है, इसलिए जांच पर असर नहीं पड़ेगा। पुलिस को तहरीर दी गई है। आग कैसे लगी, यह दोनों अधिकारी नहीं बता सके।

 
गौरतलब है कि कोआपरेटिव बैंक की कई शाखाओं में एक दशक पहले 82 करोड़ का घोटाला हुआ था। इसके बाद भी घपले के कई मामले सामने आए हैं। करीब पांच साल से मामलों की जांच चल रही है। कोर्ट में पेश करने के लिए जांच अधिकारियों ने साक्ष्य जुटाए थे, जिनमें आग लगी।
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