अमर उजाला ब्यूरो
फतेहपुर। प्रधान संगठन की सोमवार को ज्वालागंज कैंप कार्यालय में बैठक हुई। इसमें अधिकारियों की ओर से प्रधानों का उत्पीड़न किए जाने का मुद्दा उठा। प्रधान संगठन के अध्यक्ष नदीमउद्दीन पप्पू ने कहा कि मौरंग न मिलने से गांव के विकास कार्य ठप हैं। सीसी मार्ग, नाली और पुलिया निर्माण का काम नहीं हो पा रहा है।
असोथर ब्लाक अध्यक्ष नरेंद्र सिंह उर्फ सुल्तान ने कहा कि शौचालय व आवास निर्माण का रुपया लाभार्थी के बैंक खाता में भेजा जाता है। लाभार्थी अपने हिसाब से निर्माण कराता है। इसमें प्रधानों का कोई लेनादेना नहीं है। फिर भी प्रधानों पर शौचालय व आवास निर्माण में तेजी लाने का दबाव बनाया जाता है। जब लाभार्थी के खाता में रुपया पहुंच जाएगा तो वह प्रधानों का दबाव कैसे मानेंगे।
भिटौरा ब्लाक अध्यक्ष स्वामीशरण पाल ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्र के विकास में मौरंग की समस्या नासूर बन गई है। विद्यालयों में बाउंड्रीवाल कराने का अधिकारी दबाव बना रहे हैं, लेकिन मौरंग कहां से आए। इसका अधिकारियों से कोई लेना-देना नहीं है। बाहरी जिलों से जो मौरंग व डस्ट आ रही है। वह चार गुना अधिक दाम में बिक रही है।
गुणवत्ता पूर्वक काम न होने पर जिम्मेदार प्रधान को ठहराया जाता है। जो इस्टीमेट बनाए जाते हैं, उसमें बाजार में बिकने वाली मौरंग का रेट लगाया जाए। इससे प्रधानों को काम कराने में परेशानी नहीं उठानी पड़ेगी और मानक के अनुसार काम होगा। इस मौके पर प्रधान मकदूम पाल, शानू, पवन कुमार, राजेेश कुमार, सुरेश कुमार, मोहम्मद इरशाद मौजूद रहे।