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मेडिकल कालेज की सूची में जिला अस्पताल शामिल

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अमर उजाला ब्यूरो
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फतेहपुर। जिले में अर्से से मेडिकल कालेज बनने की आस अब पूरी होने लगी है। केंद्रीय राज्य मंत्री साध्वी निरंजन ज्योति के प्रयास के बाद शासन ने प्रदेश के दस जिला चिकित्सालयों का चयन किया है। इसमें फतेहपुर जिला अस्पताल को भी मेडिकल कालेज के लिए शामिल किया गया है। प्रमुख सचिव ने जिलाधिकारी को पत्र भेजकर मानकों की जांच करने और रिपोर्ट भेजने को कहा है। शासन से आए पत्र के बाद सीएमओ और अन्य अफसरों ने मानकों की जांच शुरू कर दी है।

केंद्रीय राज्यमंत्री साध्वी निरंजन ज्योति ने जिले में मेडिकल कालेज खोलने के लिए भारत सरकार के स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, स्वास्थ्य मंत्री सिद्धार्थ नाथ सिंह को पत्र भेजकर जिले में मेडिकल कालेज खोलने की मांग की थी। भारत सरकार की केंद्र सहायतित योजना के अंतर्गत प्रदेश के दस जिला अस्पतालों को उच्चीकृत कर राजकीय मेडिकल कालेज बनाया जा रहा है। इसमें देवरिया, एटा, हरदोई, प्रतापगढ़, कौशांबी, सिद्धार्थनगर, सुल्तानपुर, मिर्जापुर, सीतापुर, फतेहपुर और गाजीपुर जिला अस्पतालों को चुना गया है। जनपद में मेडिकल कालेज न होने से छात्र छात्राओं को दूसरे जनपदों में जाकर प्रशिक्षण लेना पड़ता है। साथ ही मरीजों को भी बेहतर इलाज नहीं मिल पाता है। जिले में मेडिकल कालेज खुलने से मरीजों को भी बेहतर लाभ मिलेगा।
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मेडिकल कालेज के लिए मानक
- न्यूनतम 200 बेड का अस्पताल।
- जिले में कोई निजी और राजकीय मेडिकल कालेज संचालित न हो।
- जिला अस्पताल का कुल क्षेत्रफल न्यूनतम 20 एकड़ हो।
- जिला अस्पताल, नगर निगम या नगर पालिका की सीमा में हो।
- प्रस्तावित भूमि विवाद रहित हो। किसी न्यायालय में कोई वाद न चल रहा हो।

जिले के लिए मेडिकल कालेज सौगात - साध्वी
फतेहपुर। केंद्रीय राज्य मंत्री साध्वी निरंजन ज्योति ने कहा कि शासन से मेडिकल कालेज बनवाने के लिए जिला अस्पताल को चयनित किया गया है। जिला अस्पताल के मानकों को पूरा कराकर मेडिकल कालेज बनवाया जाएगा। इसके लिए प्रदेश और केंद्र सरकार को लगातार पत्राचार कर रहे हैं। मेडिकल कालेज जिले के लिए सौगात से कम नहीं है।
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