अमर उजाला ब्यूरो
फतेहपुर। मवेशियों में सर्रा रोग फैलने से पशुपालकों की चिंता बढ़ गई है। विजयीपुर ब्लाक के कई गांवों में मवेशी इस रोग से पीड़ित हैं। कई पशुओं की मौत हो चुकी है। पशुपालन विभाग की सुस्ती से लोग झोलाछाप से इलाज करा रहे हैं।
गढ़ा के रामप्रसाद ने बताया कि गांव में पांच-छह मवेशी बीमार हैं। दो पशुओं की मौत हो चुकी है। पशु चिकित्सालय में इलाज की व्यवस्था नहीं है। झोलाछाप से इलाज कराना पड़ता है। रारी गांव के राजेंद्र ने बताया कि दो दिन से भैंस व गाय बीमार है। मुंह से लार निकल रही है। दोनों पशुओं ने चारा खाना व पानी पीना बंद कर दिया है। ब्लाक के पशु चिकित्सालय में इलाज के लिए सूचना दी। वहां से कोई डॉक्टर नहीं आया। अब प्राइवेट इलाज करा रहे हैं।
मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. इंद्रराज सिंह का कहना है कि सर्रा रोग में पशुओं को कंपकंपी के साथ तेज बुखार आता है। मुंह से लार निकलने लगती है। पशुओं में यह लक्षण दिखने पर स्वास्थ्य केंद्र में सूचना दें। गढ़ा और रारी गांव में पशुओं की बीमारी की सूचना नहीं है। टीम को भेज कर बीमार पशुओं का इलाज कराया जाएगा।
मवेशियों में फैला सर्रा रोग
- पशुपालक सरकारी इलाज न मिलने से झोलाछाप के पास जाने को हैं मजबूर