अमर उजाला ब्यूरो
खागा (फतेहपुर)। हरदों गांव के सीएचसी परिसर में बना महिला अस्पताल वीरान पड़ा है। तीन करोड़ से अधिक की लागत वाले इस अस्पताल में ताला बंद है। महिला मरीज परेशान हो रही हैं।
सीएचसी परिसर में तीन करोड़ रुपये से अधिक की लागत वाले महिला विंग का निर्माण चार महीने पहले पूरा हो गया। कार्यदायी संस्था पैकफेड ने विभाग को बिल्डिंग हैंडओवर कर दी। इसके बाद भी अब तक विभाग की ओर से यहां चिकित्सीय स्टाफ तथा जरूरी संसाधन नहीं पहुंचाया गया। तहसील क्षेत्र के गांवों से आने वाली प्रसव पीड़िता के सुरक्षित प्रसव तथा शिशु-मातृ मृत्यु दर में कमी के लिए शासन ने इसे बनवाया है।
तीन मंजिला अस्पताल में 24 घंटे महिला विशेषज्ञ, शल्य चिकित्सक, ब्लड बैंक, पैथालाजी, डिजिटल एक्सरे, अल्ट्रासाउंड के अलावा आक्सीजन की व्यवस्था मिलने का दावा किया गया था। आईसीयू तथा एनआईसीयू की सुविधा के साथ ही साधारण वार्ड एवं चार प्राइवेट वार्ड बनाए गए हैं। प्रसव पीड़िता को दूसरी, तीसरी मंजिल तक पहुंचाने के लिए लिफ्ट लगवाई गई है।
क्षेत्रीय निवासी राकेश कुमार, पंकज पाल, शिवम केशवानी, अनिल साहू, वासुदेव मौर्य का कहना है कि नवनिर्मित महिला अस्पताल में सेवाएं शुरू होने का बेसब्री से इंतजार किया जा रहा है। अभी फतेहपुर या इलाहाबाद की ओर भागना पड़ता है।
महिला अस्पताल में सेवाएं चालू कराने के लिए शासन में पत्राचार किया गया है। जल्द ही स्टाफ व संसाधन मुहैया कराने के साथ अस्पताल में सेवाएं शुरू कराई जाएंगी। - डा. विनय कुमार पांडेय, मुख्य चिकित्साधिकारी