एक माह के खरमास के बाद अच्छे दिन शुरू हो गए हैं और बारातों का सिलसिला जारी है। खरमास के बाद 15 अप्रैल से अच्छे दिनों की शुरुआत होने से शहनाई गूंजने लगी है। आचार्यों का कहना है कि इस बार चार महीने में शादी विवाह के 56 मुहुर्त हैं।
विवाह व अन्य मांगलिक कार्यों के लिए सहालग शुरू हो गई हैं। बैंड बाजा के साथ बारातों की धूम मच रही है। अप्रैल के दूसरे पखवाड़े से शुरू हुई सहालग का दौर जुलाई में देवताओं के सोने से पहले तक जारी रहेगा। मार्च में खरमास के चलते शुभ कार्य रुक गए थे। आचार्य पंडित दुर्गा दत्त शास्त्री ने बताया कि 14 अप्रैल की शाम 4.04 बजे से सूर्य मेष राशि में आ गए हैं खरमास की समाप्ति हो गई है। इसी के साथ अच्छे दिनों की शुरुआत हो गई है। बताया कि अप्रैल, मई, जून और जुलाई महीने में बरातें हैं। आचार्य पंडित कृष्ण दत्त अवस्थी ने बताया कि देवताओं के सोने तक शादी विवाह के लिए मुहूर्र्त मिल रहे हैं। इसके बाद 12 जुलाई से देवताओं के शयन के चलते विवाह व मांगलिक कार्य नहीं होंगे। 15 नवंबर को देवताओं के जगने के चलते फिर से विवाह के मुहूर्त शुरू होंगे जो 14 दिसंबर तक चलेंगे।
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फतेहपुर। आम चुनावों के चलते आदर्श चुनाव आचार संहिता चल रही है। आचार संहिता के तहत सिर्फ अप्रैल व मई में ही लगभग 30 विवाह के मुहूर्त हैं। इनमें छह मई को पड़ रहे मतदान दिवस के दिन भी सहालग हैं। ऐसे में बैंडबाजे की अनुमति के लिए लोगों को भागदौड़ करनी पड़ रही है। सीओ सिटी कपिल देव मिश्रा ने बताया कि दस बजे रात तक ही बैंडबाजा बजाने की अनुमति है। इसके बाद यदि बैंडबाजा बजता मिला तो कार्रवाई की जाएगी।