अमर उजाला ब्यूरो
फतेहपुर। डीएम कुमार प्रशांत ने गुरुवार को राजकीय नलकूप खंड का निरीक्षण किया। यांत्रिक व बिजली से खराब नलकूपों, शिकायतों का रजिस्टर ठीक न होने पर एक्सईएन से नाराजगी जताई। उन्होंने अधिशासी अभियंता, सहायक व अवर अभियंता सहित नलकूप खंड के सभी कर्मचारियों का वेतन रोकने की कार्रवाई की
डीएम ने अधिशासी अभियंता से पूछा कि डिवीजन में कितने अवर अभियंता हैं। अधिशासी अभियंता ने सात और उनके लिपिक ने 11 बताए। इस पर डीएम ने एक्सईएन को फटकार लगाई। बीस दिन में सभी दस्तावेज सही करने के निर्देश दिए। डीएम ने अधिशासी अभियंता से राजकीय नलकूपों और आपरेटरों की जानकारी ली। कम आपरेटर होने की वजह से नलकूपों के संचालन करने के विषय में पूछा। आफिस के दस्तावेज देखने के बाद वर्कशाप और स्टोर का निरीक्षण किया। वर्कशाप में नलकूप की खराब मोटरों का इंट्री रजिस्टर भी सही नहीं पाया। डीएम ने वर्कशाप के जेई को फटकार लगाई। साथ ही रजिस्टर सही करने के निर्देश दिए।
अधिशासी अभियंता काशीराम आर्य ने 81 राजकीय नलकूप बिजली और 38 राजकीय नलकूप यांत्रिक दोष से खराब होने की बात कही। डीएम ने आपरेटरों की शिकायत का रजिस्टर मांगा। शिकायत रजिस्टर न बनाए जाने पर नलकूप खंड के सभी कर्मचारियों का वेतन रोकने के आदेश दिए। उन्होंने सीडीओ एसपी आनंद से कहा कि 15-15 दिन में नलकूप खंड, बिजली विभाग की बैठक कराई जाए। इसमें नलकूपों की सूची दें। बिजली की समस्या 72 घंटे और नलकूपों के फाल्ट तीन दिन में सही कर दिए जाएं।