प्रदेश सरकार ने बंद की कामधेनु योजना
फतेहपुर। सपा सरकार की कामधेनु योजना को योगी सरकार ने बंद कर दिया है। पशुपालन विभाग में नए आवेदन जमा करने पर रोक लगा दी गई है। पुराने चयनित लाभार्थियों को पहले की तरह तय समय तक योजना का लाभ मिलेगा। किस्त जमा न करने वाले पशुपालकों से वसूली के निर्देश जारी हुए हैं।
कामधेनु 100 दुधारू पशुओं को पालने वाली सवा करोड़ की योजना है। इसमें जिले से केवल तीन लाभार्थी चुने गए हैं। यह डेयरी चला रहे हैं। मिनी कामधेनु योजना में 19 लाभार्थियों का चयन हुुआ है। यह योजना 53 लाख रुपये की है।
इसमें 50 दुधारू पशुओं को रखना जरूरी है। माइक्रो कामधेनु में 17 लोगोें का चयन हुआ है। यह भी काम कर रहे हैं। प्रत्येक लाभार्थी को 27 लाख रुपये लोन मिला है। इसमें 25-25 पशु हैं। इन योजनाओं का मकसद दूध की कमी पूरी करना और बेरोजगारों को रोजगार देना था। साथ की पशुओं के गोबर, मूत्र का भी पशुपालक लाभ उठाएं। इस योजना में आधा सैकड़ा लोगों ने आवेदन किया था। चयन 39 लोगों का हुआ है।
- नए आवेदन पर रोक, पुराने लाभार्थियों को ही मिलेगा लाभ, लोन न जमा करने वालों से ब्याज सहित की जाएगी वसूली
क्या कहते हैं जिम्मेदार
पशु चिकित्सा अधीक्षक डॉ. इंद्रराज सिंह ने बताया कि कामधेनु, मिनी कामधेनु और माइक्रो कामधेनु से पांच साल तक बिना ब्याज के लोन देने का नियम था। प्रदेश सरकार ने अब इस योजना पर रोक लगा दी है। जो समय से बैंकों में किस्त जमा कर रहे, उनको ही योजना का लाभ दिया जाएगा। जो डिफाल्टर हैं, उनसे जल्द ही बैंक वसूली करेगा। नए आवेदनों पर पूरी तरह से रोक लगा दी गई है।