फतेहपुर। शासन ने किसानों को मुफ्त सिंचाई की सुविधा के लिए जिले भर में 511 सरकारी नलकूप लगवा रखे हैं। इनकी खराबी सही करने व संचालन की जिम्मेदारी एक मिस्त्री और 140 ऑपरेटरों के सहारे हैं। इस कारण नलकूपों का संचालन ठीक से नहीं हो रहा है।
एक-एक आपरेटर के पास पांच से सात नलकूपों की जिम्मेदारी है। इस कारण कई नलकूपों में आपरेटर एक महीने में भी नहीं पहुंच पाते। इसके साथ विभाग के पास मिस्त्री की कमी से नलकूपों में आई खराबी को भी दूर कराने में विभाग को महीनों का समय लग जाता है। मजबूरी में किसान अपने खर्चे पर नलकूप को सही करवाते हैं। कुछ नलकूपों में किसानों का कब्जा रहता है और प्रभावशाली किसान अपने खेतों की ही सिंचाई करते रहते हैं। इस वजह से आधे से अधिक किसान नलकूपों से अपनी जमीन की सिंचाई नहीं कर पाते हैं। साल 2020 में आपरेटरों की नियुक्ति हुई थी। उस दौरान जिले में 49 नए आपरेटर नियुक्त हुए थे। इसके बाद दोबारा अबतक कोई भर्ती प्रक्रिया नहीं आई है। इस कारण बहुआ क्षेत्र के, असोथर, गाजीपुर क्षेत्रों में कई नलकूप कई दिनों से बंद हैं। किसान बताते हैं कि ये आपरेटर कभी नहीं आते हैं। नलकूप विभाग के आंकड़ों में वर्तमान में मात्र 18 खराब नलकूपों की बात कही जा रही है।