फोटो-45-स्वयंसेवकों ने खून से लिखा महामहिम राष्ट्रपति को पत्र। स्रोत स्वयं
फतेहपुर। बुंदेलखंड को पृथक राज्य बनाने की मांग को लेकर एक बार फिर राष्ट्रीय राजधानी में आंदोलन तेज हो गया। रविवार को जिले से गए बुंदेलखंड राष्ट्र समिति के स्वयंसेवकों ने 51वीं बार खून से लिखे 51 पत्र महामहिम राष्ट्रपति को सौंपने के लिए जंतर-मंतर से राष्ट्रपति भवन की ओर कूच की। यहां पुलिस ने उन्हें आगे बढ़ने से रोक दिया। इस पर आंदोलनकारियों और पुलिस के बीच तीखी झड़प भी हुई।
बुंदेलखंड राष्ट्र समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष प्रवीण पांडेय पर्यावरण पहरूवा के नेतृत्व में स्वयंसेवक खून से लिखी तख्तियां, पोस्टर और नारे हाथों में लेकर जंतर-मंतर पर एकत्र हुए। पूर्वांचल राज्य जनआंदोलन के राष्ट्रीय अध्यक्ष अनुज राही हिन्दुस्तानी, बुंदेलखंड राष्ट्र समिति के प्रदेश अध्यक्ष यज्ञेश गुप्ता सहित अन्य संगठनों के पदाधिकारियों के नेतृत्व में आंदोलनकारी राष्ट्रपति भवन की ओर बढ़े।
उन्होंने बताया कि जंतर-मंतर से करीब सौ मीटर आगे बढ़ते ही पुलिस ने बैरिकेडिंग कर रास्ता रोक दिया। यहां अधिकारियों ने बजट सत्र का हवाला देते हुए आगे बढ़ने की अनुमति न होने की बात कही। इससे आंदोलनकारी आक्रोशित हो गए। पुलिस ने बल प्रयोग कर उन्हें रोक दिया। स्थिति बिगड़ती देख वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने हस्तक्षेप किया। अधिकारियों ने आश्वासन दिया कि ज्ञापन को संवैधानिक माध्यम से राष्ट्रपति तक पहुंचाया जाएगा।
फोटो-45-स्वयंसेवकों ने खून से लिखा महामहिम राष्ट्रपति को पत्र। स्रोत स्वयं