फतेहपुर। हफ्तेभर पहले आंधी और बारिश में हाईटेंशन लाइन में हुए फाल्ट अभी तक नहीं सुधारे जा सके। इससे 50 ट्यूबवेल बंद हैं। धान किसानों को रोपाई बंद करनी पड़ी। लगातार शिकायतों के बाद भी बिजली विभाग के अधिकारी हाथ पर हाथ धरे बैठे हैं।
आंधी-बारिश में जिले के आधा दर्जन से ज्यादा उपकेंद्रों के फीडरों में खराबी आ गई थी। उपकेंद्र के फीडरों में फाल्ट तो सही करा दिए गए, लेकिन फीडरों से अलग-अलग गांवों के लिए जोड़ी गई हाईटेंशन लाइन के फाल्ट जस के तस पड़े हैं। थरियांव प्रतिनिधि के अनुसार मंडासराय फीडर में रविवार की रात मुसईपुर गांव के पास एक खंभा टूट गया था। उस खंभे को उपकेंद्र के कर्मचारियों ने छह दिन बाद शनिवार को सही करा दिया, लेकिन लाइन का फाल्ट जस का तस है। इस लाइन से संचालित होने वाले 17 ट्यूबवेल बंद हैं। इसी प्रकार असोथर उपकेंद्र के नरैनी फीडर का फाल्ट एक सप्ताह होने के बाद भी नहीं सही किया गया है। इसमें 15 ट्यूबवेल बंद है। हुसैनगंज प्रतिनिधि के अनुसार एक सप्ताह पहले रविवार की रात आंधी में चौहट्टा गांव के पास 11 केवीए लाइन के दो खंभा टूट गए गए था। इससे महोई, चौहट्टा, सुआहीबाग, साहूपुर और हैदराबाद की बिजली बंद है। इन गांव के 18 किसानों के ट्यूबवेल बंद है। खेत में पानी न होने की वजह से धान की रोपाई किसान नहीं कर पा रहे हैं।
विद्युत वितरण खंड तृतीय के अधिशासी अभियंता मेघ सिंह ने कहा कि अवर अभियंताओं को नए खंभे उपलब्ध करा दिए गए हैं। साथ ही बिजली आपूर्ति बहाल कराने के निर्देश दिए गए हैं। ग्रामीण क्षेत्र में हाईटेंशन लाइन की दूरी अधिक होती है। बारिश में फाल्ट भी ज्यादा होते हैं। इन्हें सही कराने में कुछ देरी लग जाती है। जहां फाल्ट दुरुस्त नहीं हुए हैं, पता कर जल्द मरम्मत कराई जाएगी।