फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

भूजल दोहन से सूखते जा रहे स्रोत, होगी परेशानी- गौतम

विज्ञापन
विज्ञापन
फतेहपुर। भिटौरा ब्लाक के सिहार गांव में जलभृत मानचित्र एवं भूमिजल प्रबंधन विषय पर संवाद कार्यक्रम हुआ। इसमें वायु व जल संरक्षण के विषय में चर्चा हुई। स्वामी विज्ञानानंद ने जल संरक्षण वाले स्थान को साफ-सुथरा बनाए रखने की लोगों से अपील की। उन्होंने कहा कि प्रकृति ने प्राणी जगत को वायु व जल दो बहुमूल्य संपत्ति दी है। इसे बर्बाद न करें और न ही इसका अत्यधिक दोहन करें।
विज्ञापन


केंद्रीय भूमिजल बोर्ड व नेहरू युवा संगठन टीसी के संयुक्त प्रयास से यह आयोजन हुआ। वरिष्ठ भूजल वैज्ञानिक जय प्रकाश गौतम ने कहा कि जलदोहन होने और जल संरक्षण न होने से भूमि के अंदर का पहला स्ट्रेटा(स्रोत) खत्म हो चुका है। दूसरे स्ट्रेटा का जल दोहन हो रहा है। वह भी खत्म होने की कगार पर है। इस समय कुछ जगह

भूमि के अंदर लोग तीसरे स्ट्रेटा तक पहुंच गए हैं। जल दोहन की यही स्थिति रही तो आने वाले 25 साल में भूगर्भ एवं सतही जल की गंभीर समस्या से जूझना पड़ेगा। आदर्श ग्रामीण लोक विकास समिति के सचिव अमरनाथ सिंह ने कहा कि भूजल प्रदूषण के दुष्परिणाम से गंगा किनारे के गांवों में फॉलोराइड व आर्सेनिक की मात्रा मानक से कम हो गई है। इससे कैंसर, त्वचा और हड्डियों के रोग अधिक हो गए हैं। नेहरू युवा संगठन टीसी के अध्यक्ष राजेंद्र
विज्ञापन


प्रसाद साहू ने कहा कि मनरेगा से खोदे जा रहे तालाबों में इनलेट व आउट लेट का ध्यान नहीं रखा जाता इससे इन तालाबों में पानी का संरक्षण नहीं होता है और सूखे पड़े रहते हैं। इस मौके पर नीर निर्मल योजना के परियोव्जना निदेशक संतोष तिवारी, ग्राम प्रधान सिहार विमला देवी, ग्राम प्रधान फिरोजपुर जगदीश यादव, ग्राम विकास संघ के अध्यक्ष राममिलन पाल, वरिष्ठ समाज सेवी टेकचंद्र मौर्य, महिला समूह की राजरानी, चंद्ररेखा, नेहरू युवा संगठन के सचिव रमेशचंद्र, समंवयक जितेंद्र कुमार, कामता यादव, रामप्रसाद, योगेंद्र मौर्य मौजूद रहे।
विज्ञापन

---------------
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें