अमर उजाला ब्यूरो
फतेहपुर। भैरवनाथ जूनियर हाईस्कूल नरैनी के प्रबंधक और प्रधानाचार्य के विवाद में स्कूल का अन्य स्टाफ पिस रहा है। चार शिक्षक समेत छह कर्मचारियों को चार महीने से वेतन का भुगतान नहीं हुआ है। प्रधानाचार्य के अलावा अन्य पूरे स्टाफ को वेतन भुगतान करने को प्रबंधक तैयार हैं। उधर, बेसिक शिक्षा विभाग सभी को एक साथ वेतन भुगतान की बात कह रहा है। मामला संज्ञान में आने पर अब डीएम ने बीएसए को वेतन जारी कराने को पत्र लिखा है।
एडेड स्कूल भैरवनाथ जूनियर हाईस्कूल की जिले के 50 एडेड स्कूलों में अच्छी पहचान है। यहां पर सवा पांच सौ की छात्र संख्या है। स्कूल में प्रधानाचार्य, चार सहायक अध्यापक, एक लिपिक और एक चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी की नियुक्ति है। एडेड स्कूल में वेतन का भुगतान प्रधानाचार्य और प्रबंधक के संयुक्त हस्ताक्षर से होता है। प्रबंधक सपा के पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष जगनायक सिंह यादव हैं। इनका प्रधानाचार्य ज्ञानेंद्र सिंह से किसी बात पर विवाद है। इसी बात को लेकर प्रबंधक सितंबर 2017 से वेतन बिल पर हस्ताक्षर नहीं बनाए हैं।
प्रधानाचार्य का कहना है कि वेतन बिल पर हस्ताक्षर कराने के लिए प्रबंधक के पास भेजा गया था, लेकिन उन्होंने सभी रजिस्टर छीनकर उन्हें वापस भेज दिया। उनका कहना है कि प्रधानाचार्य के अलावा अन्य पूरे स्टाफ का अलग वेतन बिल बनाकर लाने पर ही हस्ताक्षर करेंगे। वेतन भुगतान के बारे में उन्होंने डीएम से मिलकर मांग की है। डीएम ने बीएसए को पत्र भी लिखा है।
उधर, प्रबंधक का कहना है कि प्रधानाचार्य की कार्यशैली संदिग्ध है। ऐसे में उन्होंने प्रधानाचार्य की जांच कराने के लिए डीएम और बीएसए दोनों को लिखा है। प्रधानाचार्य को वेतन देना उचित नहीं है। जांच पूरी होने पर अगर निर्दोष साबित होते हैं, तो उनका वेतन बाद में भुगतान कर दिया जाएगा। इससे पहले उन्होंने बीएसए से शेष अन्य स्टाफ का वेतन बिल बनवाकर भेजने का अनुरोध किया था, लेकिन उन्होंने अभी तक बिल नहीं भेजा है।
प्रबंधक को नोटिस
बीएसए शिवेंद्र प्रताप सिंह का कहना है कि प्रबंधक को नोटिस भेजी गई है। सप्ताहभर में प्रबंधक अगर अपना पक्ष रखने नहीं आते हैं, तो विभागीय नियमों के अनुसार प्रक्रिया अपनाकर वेतन का भुगतान किया जाएगा।