मौदहा/मुस्करा। दो दिन आई आंधी और बारिश ने तहसील क्षेत्र की बिजली व्यवस्था को पूरी तरह से ध्वस्त कर दिया है। करीब 24 से अधिक गांवों में 36 घंटे बाद भी बिजली आपूर्ति बहाल नहीं हो सकी है। बिजली न आने से गर्मी में जनजीवन प्रभावित है। इससे पेयजल संकट गंभीर रूप ले चुका है।
बिजली न होने से ग्रामीण क्षेत्रों में जलापूर्ति व्यवस्था पूरी तरह ठप पड़ गई है। कई गांवों में लोगों को पीने के पानी के लिए लंबी दूरी तय करनी पड़ रही है। हालात यह हैं कि कुछ ग्रामीण नदियों से पानी लाकर काम चला रहे हैं। कई जगह सूखे कुओं से गंदा पानी निकालकर उसे उबालकर काम चलाया जा रहा है। हैंडपंपों का खारा पानी भी मजबूरी बन गया है।
तहसील क्षेत्र के कपसा, गुसियारी, छानी बक्छा, अरतरा, टिकरी, गुरदहा, परछा, खंडेह, करहिया, खैरी, लेवा, गहरौली, भैसमरी, कम्हरिया, मुटनी, चकदहा, बिगहना, भभौरा, छिरका, भवानी, मदारपुर, पढ़ोरी, बक्छा, भटुरी, पाटनपुर और मांचा समेत 24 से अधिक गांवों में पानी को लेकर त्राहि-त्राहि मची हुई है। कपसा गांव के लोगों को कई किलोमीटर दूर से पानी लाना पड़ रहा है।
बिजली बाधित होने से टैंकरों से होने वाली जलापूर्ति भी ठप है। इससे संकट और बढ़ गया है। विद्युत विभाग के अनुसार आंधी और बारिश से पूरे क्षेत्र में 250 से अधिक बिजली पोल क्षतिग्रस्त हुए हैं। कई जगह तार टूट गए और ट्रांसफार्मर जमीन पर गिर गए हैं।
उपखंड अधिकारी आरके वर्मा ने बताया कि लगातार दो दिन आई आंधी-बारिश से कस्बे और ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली ढांचा बुरी तरह प्रभावित हुआ है। पोल व तार टूटने से आपूर्ति बाधित है। मरम्मत कार्य तेज गति से कराया जा रहा है। जल्द ही बिजली आपूर्ति बहाल कर दी जाएगी। पूरी व्यवस्था सामान्य होने में एक-दो दिन और लग सकते हैं।
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आंधी में उड़ गईं सोलर प्लेटें
मुस्करा विकास खंड के ग्राम लोधा मऊ निवासी किसान मालती देवी पत्नी अशोक कुमार राजपूत ने बताया कि बृहस्पतिवार रात आई आंधी में उनके चक्की प्लांट की सोलर प्लेट उड़ गईं। इससे करीब तीन लाख रुपये का नुकसान हुआ। पहाड़ी भिटारी निवासी मानसिंह राजपूत ने बताया कि उनकी दुकान की सीमेंट की टिन छत उड़ गई। इससे सामान नष्ट हो गया जिससे 10 हजार रुपये का नुकसान हुआ। इधर मुस्करा के सतेंद्र अहिरवार ने बताया कि उनके तीन मुर्गी फार्म के टिन सेट उड़ गए। इससे करीब तीन लाख रुपये का नुकसान हुआ है।