फतेहपुर। जलस्तर घटने से सरकारी नलकूप का संचालन लगातार बाधित हो रहा है। यमुना तिरहार क्षेत्र में जलस्तर सौ फीट के नीचे पहुंचने से आधे से अधिक नलकूपों से पानी निकलना बंद हो गया है। जिन नलकूपों का संचालन हो रहा है, वह भी लोड पड़ने से आए दिन फुंक जाते हैं। कभी केबल, स्टार्टर तो कभी मोटर फुंक जाती है। इससे सिंचाई व्यवस्था में सुधार नहीं हो रहा है।
सिंचाई व्यवस्था दुरुस्त करने के लिए 533 नलकूप संचालित हैं, लेकिन इनमें 150 से अधिक नलकूप जलस्तर खिसकने के कारण बंद हैं। पुराने नलकूप की मोटरों की 90 से 100 फीट के नीचे से पानी निकालने की क्षमता है, लेकिन जलस्तर नीचे जाने की वजह से मोटरों का लोड बढ़ गया है। लगातार चार-छह घंटा चलाए जाने पर कभी
फ्यूज फुंक जाता है तो कभी केबल खराब हो जाती है। रारी गांव के किसान राजेंद्र सिंह ने बताया कि ग्राम पंचायत में दर्जन भर राजकीय नलकूप लगे हैं। दो-तीन नलकूप चल रहे हैं। खराब नलकूपों को सही कर दिया जाता है, तो पखवारे भर ही दोबारा खराब हो जाते हैं। किसान सुरेश कुमार ने बताया कि गढ़ा ग्राम पंचायत में 25 राजकीय नलकूप हैं। 20 राजकीय नलकूप खराब हैं। जलस्तर घटने की वजह से ज्यादातर नलकूप की मोटर खराब हो रही हैं। अधिशासी अभियंता किशनलाल ने बताया कि जलस्तर घटने से मोटरों का लोड बढ़ गया है। ज्यादातर नलकूप लोड की वजह से खराब हो रहे हैं।
5- राजकीय नलकूप के वर्कशाप में मोटर सही करते मिस्त्री
जलस्तर खिसकने से दगा दे रहे नलकूप
यमुना तिरहार क्षेत्र में ज्यादातर नलकूप बंद पड़े, वर्कशाप में खराब मोटरों का लगा ढेर
अमर उजाला ब्यूरो