अमर उजाला ब्यूरो
फतेहपुर।
आदर्श समायोजित शिक्षक वेलफेयर एसोसिएशन का आंदोलन उग्र करने की धमकी पर गुरुवार को नहर कालोनी पुलिस छावनी में तब्दील रहा। पुलिस ने किसी भी शिक्षामित्र को परिसर से बाहर नहीं निकलने दिया। यहां से 460 शिक्षामित्रों को गिरफ्तार कर उन्हें पुलिस लाइन लाया गया। दो घंटे बैठाने के बाद निजी मुचलके पर छोड़ा गया।
संगठन के नेताओं ने बुधवार को प्रदर्शन के दौरान आंदोलन उग्र करने का एलान किया था, लेकिन गुरुवार को नहर कालोनी में सिर्फ 460 शिक्षामित्र पहुंचे। हालांकि जिले में शिक्षामित्रों की संख्या 2394 है। उग्र आंदोलन की घोषणा पर प्रशासन पूरी तरह सतर्क दिखा। एसडीएम खागा अमित भट्ट पुलिस बल के साथ धरना खत्म होने तक नहर कालोनी में डटे रहे। कई थानों की फोर्स भी मौजूद रही।
शिक्षामित्र नेताओं को साफ कह दिया गया कि धरना स्थल से एकजुट होकर बाहर नहीं निकलेंगे। ऐसे में शिक्षामित्रों ने सामूहिक गिरफ्तारी देने की मांग रखी। प्रशासन ने आनन-फानन पांच बसों की व्यवस्था कर नहर कालोनी में ही गिरफ्तारी कराई। पुलिस लाइन में एसडीएम ने लिखा पढ़ी करने के बाद निजी मुचलके पर शाम चार बजे रिहा कर दिया। इससे पहले धरने की अध्यक्षता करते हुए एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष विजय सिंह गौर ने सभी शिक्षामित्रों को किसी तरह का कोई बवाल न करने की शपथ दिलाई।
पुलिस लाइन में शिक्षामित्रों ने एसडीएम खागा को ज्ञापन भी दिया। धरने का संचालन जिला महामंत्री शिवकुमार यादव ने किया। इस मौके पर अवधेश सिंह, सुरेश सिंह, चंद्रपाल, रामबहादुर, सज्जन सिंह, सोहनलाल वर्मा, मो. हसन, विमल कुशवाहा, चंद्रभूषण, कुलदीप सिंह, शैलेंद्र सिंह, अनूप पांडेय, यादवेंद्र सिंह, सुनील मिश्रा, सुधा सिंह, विजय लक्ष्मी, ललिता सिंह, मिथलेश कुमारी, अमरीश सिंह, अमित कैप्टन, राजकुमारी, सुनील पाल, यूनुस, इंद्रपाल सिंह, सुरेंद्र सिंह भी मौजूद थे।
नहर कालोनी में 460 शिक्षामित्रों ने दी गिरफ्तारी
पुलिस छावनी में दोपहर से ही तब्दील रहा कालोनी परिसर
पुलिस लाइन से दो घंटे बाद मुचलके पर छोड़े गए शिक्षामित्र