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पूर्व विधायक को थाने में बैठा जमा कराए शस्त्र

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अमर उजाला ब्यूरो
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फतेहपुर। जिला पंचायत अध्यक्ष की कुर्सी की रार में सपा के पूर्व विधायक वीर अभिमन्यु सिंह उर्फ वीरन यादव के घर दबिश देकर पुलिस ने उठा लिया। पुलिस कई घंटे उन्हें थाने में बैठाए रही और उनके लाइसेंसी असलहों को कब्जे में लिया है। इटावा और लखनऊ से सपा के कद्दावर नेताओं के फोन आने पर पूर्व विधायक को थाने से छोड़ा।

खागा के पूर्व विधायक के छोटे भाई पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष जगनायक सिंह यादव की पत्नी किरन देवी को अविश्वास प्रस्ताव का अगुवाकार माना जा रहा है। इससे जिला पंचायत अध्यक्ष डॉ. निवेदिता सिंह के खेमे में हलचल मची है। अचानक गुरुवार की सुबह किशनपुर, खखरेरू, धाता समेत पांच थानों की फोर्स पूर्व विधायक के घर जिहरवा गांव पहुंची।
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उस समय पूर्व विधायक पितरों को पानी दे रहे थे। इसके बाद एसओ राजीव सिंह ने उनके पास पांच लाइसेंसी होने की बात कही। इस पर पूर्व विधायक ने तीन असलहे होना बताया। इस पर पुलिस ने सारे असलहे जमा कराए। पूर्व विधायक को थाने साथ चलने का कहा। वे अपनी गाड़ी से पुलिस के साथ थाने पहुंचे। वहां समर्थकों की भीड़ लगने लगी। तीनों असलहों को जांच के लिए रख लिया गया।

कई फोन आने के बाद पूर्व विधायक को जाने दिया। भाई जगनायक सिंह ने आरोप लगाया कि जिला पंचायत अध्यक्ष के पति अभय प्रताप सिंह सत्ता का दुरुपयोग कर रहे हैं। वे अविश्वास प्रस्ताव की तारीख तय नहीं होना देना चाहते हैं। उनकी पत्नी और भतीजा नितिन पंचायत सदस्य हैं। पुलिस प्रशासन से दबाव बनवाना चाहते हैं। कई घंटे बड़े भाई को थाने में बैठाया गया है।
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सपा मुखिया को मामले से अवगत करा दिया गया है। उधर, खागा सीओ सुरेंद्र सिंह ने बताया कि उनके पास पांच असलहे होने की उच्चाधिकारियों की ओर से जानकारी आई थी। इसकी जांच के लिए असलहे जमा कराए गए हैं। जांच पूरी होने पर असलहे वापस कर दिए जाएंगे। उधर, जिला पंचायत अध्यक्ष प्रतिनिधि अभय प्रताप सिंह ने कहा कि निराधार आरोप लगाए जा रहे हैं। पुलिस कार्रवाई में जिला पंचायत अध्यक्ष का कोई लेना देना नहीं है।
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