जिले में यूरिया की किल्लत जल्द खत्म होगी। रविवार को तीन हजार 190 मीट्रिक टन नागार्जुन की यूरिया की रैक आई है। इसमें पांच सौ मीट्रिक टन यूरिया पीसीएफ को दी गई।
रबी की फसल में हर साल डीएपी खाद की किल्लत होती थी लेकिन इस वर्ष करीब बीस दिनों से यूरिया खाद की मारामारी चल रही है। साधन सहकारी समितियों से लेकर प्राइवेट दुकानों तक में यूरिया खाद का आकाल पड़ा हुआ है।
किसान खाद के लिए दुकानों और समितियों के चक्कर लगा रहा है। कृषि अधिकारी रविकांत सिंह ने बताया कि दो रैक यूरिया खाद की मांग की गई थी, जिसमें तीन हजार मीट्रिक टन नागार्जुन कंपनी की यूरिया खाद आ गई है।
जिसमें पांच सौ मीट्रिक टन खाद पीसीएफ विभाग को दी गई है। जो साधन सहकारी समितियों के माध्यम से किसानों को दी जाएगी। अब किसानों को यूरिया और डीएपी खाद के लिए भटकना नहीं पड़ेगा।