‘या मुस्तफा नूरुल हुदा सानी तेरा कोई नहीं, तेरे सिवा शमसुज्जुहा बदरुद्दुजा कोई नहीं’। हजरत मुहम्मद सल्लल्लाहो अलैहिवसल्लम की यौम-ए-विलादत (जन्म दिवस) पर 12 रबीउल अव्वल की तारीख जशभन और अकीदत की गवाह बनी। ‘नारा-ए-तकबीर- अल्लाह हू अकबर, नारा-ए-रिसालत या रसूल अल्लाह’ की सदाओं के बीच रविवार को जिले भर में अदब-ओ-एहतराम के साथ जुलूस-ए-मोहम्मदी निकाला गया।
सैकड़ों की तादाद में सब्ज परचम और नातिया कलाम के साथ जुलूस का माहौल नूरानी रहा। शहर के अलग अलग मुहल्लों से आया जुलूस बाकरगंज जीटी रोड पर एक साथ मिले और इसके बाद अपने तयशुदा रास्तों से होता हुआ रात करीब 11 बजे खत्म हुआ। शहर के जुलूस में 30 अंजुमनों ने हिस्सा लिया।
शहरकाजी शहीदुल इस्लाम अब्दुल्ला और शहरकाजी कारी फरीदउद्दीन कादरी के बेहतर संचालन में जुलूस अपने तयशुदा रास्तों से होता हुआ पनी होकर समाप्त हुआ।
जगह जगह इस्तकबाल के लिए स्टाल लगाए गए। पीरनपुर, पनी, लाला बाजार, चूड़ी वाली गली, सैयदवाड़ा, खेलदार मुुहल्ला, मसवानी, आबू नगर, पीलू तले, पक्का तालाबा आदि इलाकों से जुलूस निकले और जीटी रोड बाकरगंज में इकट्ठा हुए। बसपा के समीर त्रिवेदी, सपा के आबिद हसन आदि ने जुलूस का खैरमख्दम किया।
जुलूस में शफीकुल गफ्फार एडवोकेट, साबिर चौधरी, तैयब वकील, मौलाना नूरुल हसन, मौलाना उस्मान, राजू सभासद आदि का सहयोग रहा।
जुलूस में आबू नगर की अंजुमन अल हेरा, दावते इस्लामी, अंजुमन मदनी, पीरनपुर की अंजुमन गरीब नवाज, पनी की अंजुमन पयामे इस्लाम, छोटी बाजार की अंजुमन नौजवान अल इस्लाम कमेटी, अंजुमन नूरुल हसन, लाला बाजार की अंजुमन वारसिया, चूड़ी वाली गली की अंजुमन आशिक-ए-रसूल शामिल रहीं।
उधर, यह पहला मौका था, जब जुलूस-ए-मोहम्मदी में डीएम राकेश कुमार और एसपी विनोद कुमार सिंह शामिल नहीं हुए। शहरकाजी शहीदुल इस्लाम अब्दुल्ला और शहरकाजी कारी फरीदउद्दीन कादरी ने बताया कि इस बार जुलूस के पहले प्रशासन के साथ होने वाली बैठक भी नहीं हुई। हंसवा संवाददाता के मुताबिक हसवा जामा मस्जिद से जुलूस निकला।
जुलूस में मोहम्मद शकील एडवोकेट, शकील अकबर, सुहेल खान, शानू, शाकिर, नियाज, मोहम्मद काशिफ, रिजवान, इमरान का सहयोग रहा। एकारी, टीसी, मोहम्मदपुर कलां में भी जुलूस निकाले गए। ललौली में अंजुमन रजा-ए-गरीब नवाज कमेटी की ओर से निबहरा से निकला जुलूस गांव भर में घूमा।
इस मौके पर सपा नेता फखरुद्दीन अली, प्रधान शमीम अहमद, हाजी गुलाम, फरीद, मकबूल, रेहान, मोहम्मद अकरम आदि मौजूद रहे। खखरेरू में दारुल उलूम चिश्तिया मदरसा की ओर से जामा मस्जिद से जुलूस निकला। इसमें मदरसा के सदर कमरुल हसन, कुतुबुद्दीन, मोहम्मद फहीम, मुबीन के संचालन में पूरे गांव में जुलूस घूमा।
वहीं मदरसा नूरुल हउलूूम में दीनी कार्यक्रम हुए। इसमें सदर हाफिज फिरदौस, तौफीक अहमद, मुन्ना खान, मोहम्मद आरिफ, डॉ उस्मान सिद्दीकी का सहयोग रहा। किशनपुर में जामा मस्जिद से अुंमन आशिकाने रसूल हिंद कमेटी ने जुलूस निकाला। इसमें मस्जिद के इमाम कारी मोहम्मद शफीक, मोहम्मद सलीम, मोहम्मद रमजान, मुजफ्फर रजा, परवेज, फहीम मौजूद रहे। जुलूस में सरौली, रारी, एकडला, असहट गांव के लोग भी शामिल हुए।
सीओ ने विवाद शांत कराया
जाफरगंज/जोनिहां(बिंदकी) थाना क्षेत्र के गांव नरैचा में जुलूस- ए- मोहम्मदी के जुलूस निकालने को लेकर दो गुटों में तनाव हो गया । गांव नरैचा के मदरसे से जुलूस उठना था, जिसमें एक ही संप्रदाय के कुछ लोगों ने विरोध किया। मौके पर पहुंचे प्रशासन से कहा कि जिस तरह पूर्व में जुलूस- ए- मोहम्मदी का त्योहार मनाया जाता रहा है, उसी तरह मनाया जाना चाहिए। मौजूद क्षेत्राधिकारी निवेश कटियार ने बताया कि पिछले सालों की तरह ही कार्यक्रम होना चाहिए।