बुढ़वा गांव के ग्रामीणों को बुधवार का दिन खास रहा। उनसे बिछुड़े भगवान 27 दिन मंदिर पहुंचे। भक्तों में खुशी और उल्लास का ठिकाना नहीं रहा। बड़े ही झंझावतों के बाद फिर से राधा-कृष्ण की मूर्तियां पहुंचने की खुशी ग्रामीणों में किसी पर्व से कम नहीं दिखाई दी।
जहानाबाद थाना क्षेत्र के बुढ़वां गांव के 148 साल पुराने मंदिर से अष्टधातु की राधा-कृष्ण की चोरी गई मूर्तियां बुधवार दोपहर लेने मंदिर के मालिक और सर्वराकार अशोक गुप्ता थाने पहुंचे। उनके साथ पुजारी राजविशंभर मिश्रा और अन्य ग्रामीण भी रहे। पुलिस ने सुपुर्दगी देने के लिए मालिक और पुजारी से सारी दस्तावेजों में लिखापढ़ी कराई। थाने से मूर्तियां लेने के बाद मंदिर के दरबार ले गए। वैदिक मंत्रोच्चारण की गूंज में राधा और कन्हैया की मूर्तियों को गंगाजल, दूध, घी, शहद, शर्करा, केवड़ा पंचतत्व से अभिषेक हुआ। हवन पूजन के बाद नए कपड़ों, जेवरात पहनाकर सजाने के बाद भगवान सिंहासन में विराजमान किए गए।
भक्तों की मंदिर में भीड़ रही। ढोलक की थाप में मंजीरों की गूंज में राधा कृष्ण का भजन और कीर्तन हुआ। गांव की कृष्ण भक्त मोनी, मनीषा, रानी, शीलम, हेमा अंकित, शिवानी, छोटू, जूली बिंदु ने कीर्तनों पर जमकर झूमी। इस मौके पर अवधेश गुप्ता, विमलेश त्रिवेदी, अभय यादव, नीरज सोनी, अमर किशोर, ज्ञानेंद्र प्रकाश साहू, आचार्य बलराम चंतर्वेदी, राजा दीक्षित समेत तमाम श्रद्धालु मौजूद रहे।