नेशनल हाईवे किनारे खेतों में लगी आग बुझाते दमकलकर्मी।
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फतेहपुर। एआरटीओ दफ्तर के सामने सोमवार दोपहर आग से गेहूं की करीब 25 बीघा फसल जलकर राख हो गई। आंखों के सामने फसल जलती देख किसान रो पड़े। आग के साथ उनके अरमान भी धू-धू कर जल गए। किसी ने कर्ज लेकर फसल बोई थी तो कोई फसल की आय से बहुत कुछ करने का सपना संजोए था। आग की लपटें जैसे-जैसे बढ़ती जा रही थीं, किसानों के हौसले पस्त होते जा रहे थे। दमकल पौन घंटे लेट पहुंची। हालांकि उसने आधे घंटे में आग पर काबू पा लिया। इससे कई किसानों की फसल बच गई। पेट्रोलपंप की ओर बढ़ रही आग को समय रहते काबू में करने से बड़ा हादसा होने से बच गया।
यह वाकया दोपहर साढ़े 12 बजे का है। भिटौरा बाईपास के समीप रिलायंस पेट्रोल पंप के पीछे गेहूं की लहलहाती फसल अचानक जलने लगी। तेज हवा चलने से आग की लपटें एक खेत से दूसरे खेत को चपेट में लेतीं र्गईं। बिजौली, मूसेपुर गांव के किसान अपनी हिम्मत भर आग की लपटों को रोकने की कोशिश कर रहे थे। हर तरफ चीख-पुकार मची थी। लोग यूपी 100 और 101 नंबर पर कॉल कर रहे थे। वहां से बार-बार यही कहा जा रहा था कि अभी दमकल नहीं है, आ जाए तो भेजते हैं। हाथ में अरहर और बेशरम के हरे डंडे के साथ आग पर काबू पाने का प्रयास कर रहे किसानों के साथ पेट्रोल पंप कर्मी भी अपने पानी टैंक से बचाव कार्य में जुटे। दमकल की गाड़ी देर से आने से किसानों और पेट्रोलपंप कर्मियों को काफी जूझना पड़ गया। फायर ब्रिगेड देर से पहुंचने पर लोगों ने नाराजगी जताई। इसके बाद दमकल कर्मियों के साथ मिलकर आग बुझाई।