अमर उजाला ब्यूरो
फतेहपुर। इटावा एआरटीओ कार्यालय में बीते दिनों रुपये और सोना मिलने के बाद दो अधिकारियों की गिरफ्तारी का भय जिले के दफ्तर में भी आ गया है। मंगलवार को यहां अफरातफरी का माहौल रहा। पटलों पर भी इटावा कांड की चर्चा होती रही। इधर, एआरटीओ ने कार्यालय में दलालों के प्रवेश को प्रतिबंधित कर दिया है। यहां तक कह दिया गया है कि दलाल के साथ आए तो काम ब्लैक लिस्टेड कर दिया जाएगा। दलाल न घुसें और निगरानी हो सके इसके लिए अतिरिक्त सीसीटीवी कैमरे लगाने की कवायद शुरू हुई है।
एआरटीओ कार्यालय में लाइसेंस बनवाना हो या फिर परमिट जारी कराना हो बिना दलालों के हस्तक्षेप के काम होना मुश्किल है। कई बार जिलाधिकारी कुमार प्रशांत भी दलालों पर रोक लगाने के निर्देश दे चुके हैं। मंगलवार को कार्यालय परिसर में लाइसेंस के लिए आवेदन पत्र जमा करने वालों की भीड़ रही। आलम यह रहा कि कार्यालय के आसपास की दुकानों पर और गेट के बाहर दलाल सक्रिय दिखे।
दूसरी ओर एआरटीओ प्रशासन प्रशांत तिवारी का कहना है कि कार्यालय में दलालों के प्रवेश पर रोक है। मातहतों को भी इनसे दूर रहने की सख्त हिदायत दे दी गई है। कोई संलिप्त मिला तो निलंबन की कार्रवाई की जाएगी। कार्यालय गेट के आसपास और कार्यालय में अतिरिक्त सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे जिससे दलाल पकड़ में आ सके। पकड़े गए दलालों के खिलाफ एफआईआर कराई जाएगी।