अमर उजाला ब्यूरो
फतेहपुर। चार फरवरी से शुरू हो रहे विवाह मुहूर्त में इस बार लाउड स्पीकर पुलिस प्रशासन की अनुमति पर ही बजेगा। अभी तक चार हजार शादियों के लिए डीजे बुक हैं। डीजे के लिए वर व वधू पक्ष थाना, कोतवाली और तहसील के चक्कर लगा रहे हैं। यह दीगर है कि अभी तक एक भी शादी में डीजे बजाने की अनुमति जारी नहीं हुई है।
हाईकोर्ट ने बिना इजाजत लाउड स्पीकर बजाने पर पाबंदी लगा रखी है। किसी भी आयोजन में साउंड सिस्टम बजाने से पहले अनुमति लेना जरूरी हो गया है। आज के दौर में डीजे बजना आम बात हो गई है। हर परिवार की ख्वाहिश घर की शादी में डीजे बजवाने की होती है। यही वजह है कि डीजे की बुकिंग पहले ही कर ली जाती है।
हर डीजे वाले के पास 10 से 20 बुकिंग हैं। करीब चार हजार बुकिंग हो चुकी हैं। उसी बारात में डीजे बजेगा, जिसने इसकी परमीशन ले रखी होगी। यह परमीशन भी केवल रात 10 बजे तक के लिए मान्य होगी। इसके बाद किसी भी कीमत पर साउंड सिस्टम नहीं बजने दिया जाएगा। मतलब साफ है कि अगर डीजे बजाने की अनुमति मिल भी गई, तो तय समयसीमा के दायरे में रहते हुए बजाने की इजाजत होगी।
शहर के मसवानी मोहल्ले के राजेश रावत ने बेटे की बारात के लिए एक महीने पहले डीजे बुक करा लिया था। इनके पास पांच दिन पहले डीजे वाले ने फोन कर प्रशासन से अनुमति लेकर आने को कहा है। प्रशासनिक से अनुमति लेने की कॉल राधानगर की माया को दो दिन पहले की गई है। डीजे वाले का कहना है कि बगैर परमीशन वह साउंड सिस्टम नहीं भेजेगा।