मिड-डे मील में हर दिन खपेगा एक टन आलू
सप्ताह में चार दिन बच्चों को आलू खिलाने का आदेश
बीएसए ने सभी बीईओ को जारी किया पत्र
अमर उजाला ब्यूरो
फतेहपुर। अब मिड-डे मील में बच्चों को हफ्ते में चार दिन आलू की सब्जी दी जाएगी। इससे हर दिन स्कूलों में एक टन आलू की खपत होगी। इससे किसानों को भी फायदा होगा। बीएसए शिवेंद्र प्रताप सिंह ने सभी बीईओ को इसका पत्र भी जारी कर दिया है।
जिले के 16 कोल्ड स्टोरों में करीब तीन लाख 41 हजार टन सब्जी वाले आलू रखे हैं। आलू सस्ती होने के कारण किसान कोल्ड स्टोर से आलू निकालने में कतरा रहे हैं। आमतौर पर हर दिन जिले में करीब 58 टन आलू की खपत होती है। अगर दाम नहीं बढ़े तो बड़ी संख्या में किसान कोल्ड स्टोर में ही आलू छोड़ देंगे, क्योंकि बाजार में जो आलू की कीमत हैं, उससे उनका स्टोर का खर्च भी बामुश्किल निकल रहा है।
ऐसे में सरकार ने किसानों को राहत देने के लिए स्कूलों के मिड-डे मील में तीन दिन आलू की सब्जी परोसने का निर्देश दिया है। जिले के प्राथमिक स्कूलों में एक लाख 61 हजार बच्चे पंजीकृत हैं। उच्च प्राथमिक स्कूलों में 76 हजार बच्चे पंजीकृत हैं। प्राथमिक स्तर के प्रत्येक बच्चे को प्रति दिन 50 ग्राम और उच्च प्राथमिक स्तर के प्रत्येक बच्चे को 75 ग्राम सब्जी देने का प्रावधान है।
बेसिक शिक्षा विभाग का मानक है कि स्कूलों में 80 प्रतिशत बच्चे ही आते हैं। इसके तहत एक दिन में एक टन आलू की स्कूलों में खपत होगी, यानी हफ्ते में चार टन आलू अतिरिक्त खर्च होगा। बीएसए शिवेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि शासन के निर्देश के अनुपालन में सभी खंड शिक्षा अधिकारियों को पत्र जारी कर दिए गए हैं।
उद्यान विभाग के योजना प्रभारी वीके सिंह ने बताया कि अभी तक जिले में आलू खपत का औसत करीब प्रति दिन 58 टन के करीब है। खपत के सापेक्ष जिले में आलू का भंडारण काफी अधिक है। नये आलू की फसल तैयार होने तक शत प्रतिशत पुराने आलू की खपत हो पाना मुश्किल है। सरकार के इस निर्णय से आलू उत्पादकों को राहत मिलेगी।
इनसेट...
नहीं होगा किसानों का भला : भाकियू
फतेहपुर। मिड-डे मील में हफ्ते में चार दिन आलू की सब्जी देने की नई व्यवस्था पर भाकियू के जिलाध्यक्ष राजकुमार सिंह गौतम का कहना है कि इससे किसानों का कुछ भला होने वाला नहीं है।
वैसे भी स्कूलों में वही सब्जी परोसी जाती है, जो सस्ती होती है। इन दिनों हफ्ते में छहों दिन मिड-डे मील में आलू ही दिया जा रहा है।